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मछलीपालन के नाम पर हो सकता है धोखाधड़ी, रहें सतर्क

बलौदाबाजार, 2 नवम्बर 2020/बलौदाबाजार सहित राज्य में कुछ अशासकीय संस्थाओं, फम्र्स द्वारा मछली कृषकों की पूर्ति पर तालाब निर्माण करवाकर मछली पालन का व्यवसाय करवाने के नाम पर विभिन्न योजनाएं प्रसारित की जा रही है। इन संस्थाओं द्वारा कृषकों से एक बड़ी राशि लेकर उनकी ही भूमि पर मछली पालन का व्यवसाय करने एवं उन्हें एक निश्चित मासिक आय का प्रलोभन दिया जा रहा है। कांट्रेक्ट फार्मिंग या राशि को दोगुना करने जैसे नाम से ये प्रस्ताव ऐसी फम्र्स दे रही है। सहायक संचालक मत्स्य श्री के.के.सिंह ने सर्वसाधारण को सूचित किया है कि मछली पालन विभाग अथवा छत्तीसगढ़ शासन ऐसी किसी योजना को प्रमाणित नहीं करता है अतएव कोई भी मछली कृषक ऐसी किसी भी योजना से स्वयं चिार कर एवं वैधानिक आर्थिक पक्षों को भली-भांति समझकर ही राशि निवेश करें। संबंधित जानकारी के लिए मछली विभाग से संपर्क कर सकते है।

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बलौदाबाजार, 2 नवम्बर 2020/बलौदाबाजार सहित राज्य में कुछ अशासकीय संस्थाओं, फम्र्स द्वारा मछली कृषकों की पूर्ति पर तालाब निर्माण करवाकर मछली पालन का व्यवसाय करवाने के नाम पर विभिन्न योजनाएं प्रसारित की जा रही है। इन संस्थाओं द्वारा कृषकों से एक बड़ी राशि लेकर उनकी ही भूमि पर मछली पालन का व्यवसाय करने एवं उन्हें एक निश्चित मासिक आय का प्रलोभन दिया जा रहा है। कांट्रेक्ट फार्मिंग या राशि को दोगुना करने जैसे नाम से ये प्रस्ताव ऐसी फम्र्स दे रही है। सहायक संचालक मत्स्य श्री के.के.सिंह ने सर्वसाधारण को सूचित किया है कि मछली पालन विभाग अथवा छत्तीसगढ़ शासन ऐसी किसी योजना को प्रमाणित नहीं करता है अतएव कोई भी मछली कृषक ऐसी किसी भी योजना से स्वयं चिार कर एवं वैधानिक आर्थिक पक्षों को भली-भांति समझकर ही राशि निवेश करें। संबंधित जानकारी के लिए मछली विभाग से संपर्क कर सकते है।

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