कौशाम्बी । वर्षा आते ही जनपद में मौजूद किलनहाई नदी के आगोश में किसानों की कई एकड़ फसल जलमग्न हो गई ।जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता के बादल मंडरा रहे हैं ।सबसे बड़ी बात तो यह रही कि नदी की बाढ़ से पीड़ित किसानों की फसल की सुधि लेने की आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि ने हिम्मत नही जुटाई।सदर तहसील क्षेत्र की किलनहाई नदी में बाढ़ आ जाने से लगभग आधा दर्जन गांव के हजारों किसानों की फसल पानी में डूब गई है। जिससे किसानों के सामने मुसीबत खड़ी है लेकिन किसानों की इस मुसीबत में उनकी मदद करने के लिए अभी तक ना तो जनप्रतिनिधियों ने हाथ बढ़ाया है और ना ही जिला प्रशासन ने किसानों की समस्या के समाधान का प्रयास शुरू किया है जिससे किसान परेशान है। पिछले दिनों भारी बारिश से आई बाढ़ में किलनहाई नदी के तराई वाले इलाके के हजारों किसानों की हजारों एकड़ धान की फसल डूब गई है जिससे धान की फसल के साथ-साथ अन्य फसलें भी पूरी तरह बर्बाद हो गई है नदी में पिछले कई सालों से साफ सफाई ना होने से पानी का बहाव धीमा है जिससे किसानों की फसल पानी निकासी न होने से पचासों गांव के हजारों किसानों की हजारों एकड़ धान की फसल पूरी तरह से महीनों से नदी के बढ़े पानी मे डूब गई है। एक माह से पानी में डूबी फसल अब बर्बाद होने लगी है जिससे किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। वही किसानों के सामने 2 जून रोटी की समस्या खड़ी होती दिखाई पड़ रही है क्षेत्र के किसानों का कहना है नदी में पिछले 3 साल से सफाई का कार्य नहीं कराया गया जिससे नदी में तमाम प्रकार की घास बहाव की मिट्टी ने नदी को पाट दिया है जिससे नदी के पानी का बहाव रुक रहा है। इस कारण पानी पूरे वेग से नदी का पानी नहीं निकल पा रहा है पानी रुकने के कारण नदी का पानी खेतों में भर जाता है इलाके के टेनशाह आलमाबाद, रेउरियापर, मडूकी टिकरी, बहादुरपुर,ओसा, सिरचनपुर, छिमीरछा, पथरा, असाडा जमदुआ सहित 50 से अधिक गांवों के हजारों किसानों की धान की फसल सहित बाजरा अरहर सब्जियां आदि पूरी तरह से बाढ़ के पानी मे डूब गई हैं। किसानों की मानें तो लगभग एक हजार एकड़ से अधिक खेत की फसल इस समय पानी में पूरी तरह डूबी हुई है। पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान नदी की बाढ़ से डूबी फसल के किसानों की ओरआकृष्ट कराया है ।
🔥 ट्रेंडिंग
- उत्तरप्रदेश:सपा का प्रतापगढ़ में धरना-प्रदर्शन: महंगाई, बेरोजगारी और बिजली संकट समेत 5 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
- education:UP TGT PGT EXAM DATE 2026: इस दिन जारी हो सकते हैं एडमिट कार्ड
- education:UP Board 10th& 12th Result 2026: इंतजार खत्म होगा इस दिन जारी हो सकते हैं नतीजे
- आगरा:आगरा में अवैध मतांतरण मामला: विदेशी सरगना दाऊद अहमद की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
- उत्तरप्रदेश:प्रतापगढ़ में यातायात जागरूकता अभियान, गुलाब व माला पहनाकर लोगों को नियमों के प्रति किया गया प्रेरित
- उत्तरप्रदेश:रानीगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: शादी का झूठा वादा कर दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार | प्रतापगढ़ न्यूज़
- उत्तरप्रदेश:एनसीसी कैडेटों को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक जागरूकता प्रशिक्षण
- उत्तरप्रदेश:प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक ने जनसुनवाई में समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए
- उत्तरप्रदेश:पुलिस मुठभेड़: गोवध व हत्या प्रयास केस का शातिर अभियुक्त गोली लगने से गिरफ्तार
- उत्तरप्रदेश:प्रतापगढ़ पुलिस का ऑपरेशन दस्तक: अपराधियों का डिजिटल सत्यापन और कड़ी निगरानी शुरू
- उत्तरप्रदेश:सपा का प्रतापगढ़ में धरना-प्रदर्शन: महंगाई, बेरोजगारी और बिजली संकट समेत 5 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
- education:UP TGT PGT EXAM DATE 2026: इस दिन जारी हो सकते हैं एडमिट कार्ड
- education:UP Board 10th& 12th Result 2026: इंतजार खत्म होगा इस दिन जारी हो सकते हैं नतीजे
- आगरा:आगरा में अवैध मतांतरण मामला: विदेशी सरगना दाऊद अहमद की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
- उत्तरप्रदेश:प्रतापगढ़ में यातायात जागरूकता अभियान, गुलाब व माला पहनाकर लोगों को नियमों के प्रति किया गया प्रेरित
- उत्तरप्रदेश:रानीगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: शादी का झूठा वादा कर दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार | प्रतापगढ़ न्यूज़
- उत्तरप्रदेश:एनसीसी कैडेटों को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक जागरूकता प्रशिक्षण
- उत्तरप्रदेश:प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक ने जनसुनवाई में समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए
- उत्तरप्रदेश:पुलिस मुठभेड़: गोवध व हत्या प्रयास केस का शातिर अभियुक्त गोली लगने से गिरफ्तार
- उत्तरप्रदेश:प्रतापगढ़ पुलिस का ऑपरेशन दस्तक: अपराधियों का डिजिटल सत्यापन और कड़ी निगरानी शुरू
किलनहाई नदी के आगोश में किसानों की हजारों एकड़ फसल जलमग्न
कौशाम्बी । वर्षा आते ही जनपद में मौजूद किलनहाई नदी के आगोश में किसानों की कई एकड़ फसल जलमग्न हो गई ।जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता के बादल मंडरा रहे हैं ।सबसे बड़ी बात तो यह रही कि नदी की बाढ़ से पीड़ित किसानों की फसल की सुधि लेने की आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि ने हिम्मत नही जुटाई।सदर तहसील क्षेत्र की किलनहाई नदी में बाढ़ आ जाने से लगभग आधा दर्जन गांव के हजारों किसानों की फसल पानी में डूब गई है। जिससे किसानों के सामने मुसीबत खड़ी है लेकिन किसानों की इस मुसीबत में उनकी मदद करने के लिए अभी तक ना तो जनप्रतिनिधियों ने हाथ बढ़ाया है और ना ही जिला प्रशासन ने किसानों की समस्या के समाधान का प्रयास शुरू किया है जिससे किसान परेशान है। पिछले दिनों भारी बारिश से आई बाढ़ में किलनहाई नदी के तराई वाले इलाके के हजारों किसानों की हजारों एकड़ धान की फसल डूब गई है जिससे धान की फसल के साथ-साथ अन्य फसलें भी पूरी तरह बर्बाद हो गई है नदी में पिछले कई सालों से साफ सफाई ना होने से पानी का बहाव धीमा है जिससे किसानों की फसल पानी निकासी न होने से पचासों गांव के हजारों किसानों की हजारों एकड़ धान की फसल पूरी तरह से महीनों से नदी के बढ़े पानी मे डूब गई है। एक माह से पानी में डूबी फसल अब बर्बाद होने लगी है जिससे किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। वही किसानों के सामने 2 जून रोटी की समस्या खड़ी होती दिखाई पड़ रही है क्षेत्र के किसानों का कहना है नदी में पिछले 3 साल से सफाई का कार्य नहीं कराया गया जिससे नदी में तमाम प्रकार की घास बहाव की मिट्टी ने नदी को पाट दिया है जिससे नदी के पानी का बहाव रुक रहा है। इस कारण पानी पूरे वेग से नदी का पानी नहीं निकल पा रहा है पानी रुकने के कारण नदी का पानी खेतों में भर जाता है इलाके के टेनशाह आलमाबाद, रेउरियापर, मडूकी टिकरी, बहादुरपुर,ओसा, सिरचनपुर, छिमीरछा, पथरा, असाडा जमदुआ सहित 50 से अधिक गांवों के हजारों किसानों की धान की फसल सहित बाजरा अरहर सब्जियां आदि पूरी तरह से बाढ़ के पानी मे डूब गई हैं। किसानों की मानें तो लगभग एक हजार एकड़ से अधिक खेत की फसल इस समय पानी में पूरी तरह डूबी हुई है। पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान नदी की बाढ़ से डूबी फसल के किसानों की ओरआकृष्ट कराया है ।



टॉप न्यूज़








शेयर करें
























































