मंझनपुर से बसपा उम्मीदवार है नीतू बिकास की बाट जोह रहे मंझनपुर बिधान सभा से डॉ नीतू की जीत लगभग तय
कौशांबी। डॉ नीतू कनौजिया के राजनीति में कूदने की कानो में गूंज आते ही जनपद के दिग्गजो की नींद हराम हो चुकी है।राजनैतिक गलियारों में खलबली का माहौल ब्याप्त हो गया है।बसपा पार्टी के डॉ नीतू कनौजिया को मंझनपुर से उम्मीदवार बनाने की घोषणा से जनपद की राजीनीति ने करवट ले ली है। वही बिगत दिनों बसपा के प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में बसपा के दिग्गज नेता सतीश मिश्र के आगाज से जनपद की राजनीति में नया मोड़ आ गया है।लम्बे समय से अपने को ढगा सा महसूस करने वाला प्रबुद्ध वर्ग डॉ नीतू कनौजिया के माध्यम से अपनी ताकत का एहसास कराने को आतुर है। सदर विधानसभा क्षेत्र बीते दो दशक से बसपा का गढ़ माना जाता था लेकिन बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने पूर्व काबीना मंत्री इंद्रजीत सरोज को पार्टी से निष्कासित कर दिया बहुजन समाज पार्टी से निकाल दिए जाने के बाद इंद्रजीत सरोज ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम्भा तो जरूर था लेकिन बसपा छोड़ दिए जाने के बाद मंझनपुर क्षेत्र से इंद्रजीत सरोज जीत का परचम नहीं फहरा सके। परिवर्तित समीकरण में मंझनपुर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी ने वर्ष 2017 में जीत तो मोदी लहर की बदौलत हासिल की परन्तु जनता के प्रति उनकी बेरुखी और उनके रूखे सूखे व्यवहार से जनता संतुष्ट नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी में भितरघात के चलते राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस का वजूद जिले में भितरघात का शिकार बन कर रह गया है। जबकि बसपा के मजबूत गढ़ कौशांबी में बसपा के आगे समाजवादी पार्टी की दाल नहीं गलती थी। कभी कभी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार विधानसभा में जीत दर्ज कर पाते थे ।बीते विधानसभा चुनाव में तीनों सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीत दर्ज कर बसपा के इस किले पर चोट पहुंचाई थी, लेकिन विधानसभा चुनाव 2022 में मंझनपुर विधानसभा से डॉ नीतू कनौजिया ने बहुजन समाज पार्टी से दावा ठोक दिया है जिससे मंझनपुर विधानसभा के संभावित प्रत्याशियों में खलबली मच गई है।



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