V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुश्किल समय आया था, पूरा देश देख रहा था सेना की कार्रवाई : लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह

जल्दी खत्म हुई लड़ाई, नहीं तो पूर्व सैनिकों को बुलाना पड़ता – सेना देश में बनाएगी 20 अस्पताल

हिसार, 29 नवंबर।
साउथ-वेस्टर्न कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे। आतंकवादी हमले के बाद पूरा देश सेना की कार्रवाई पर नजरें टिकाए था। सेना लंबी लड़ाई की तैयारी में थी और एक्स सर्विसमैन की लिस्ट भी तैयार कर ली गई थी, लेकिन लड़ाई जल्दी खत्म हो गई और सिर्फ 19 घंटे में दुश्मन ने घुटने टेक दिए


पूर्व सैनिकों को वापस बुलाने की तैयारी थी

लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने हिसार कैंट स्थित मिलिट्री स्टेशन में एक्स सर्विसमैन रैली के दौरान मीडिया से बातचीत में बताया —

अगर युद्ध लंबा चलता, रूस–यूक्रेन की तरह खिंचता, तो पूर्व सैनिकों को वापस बुलाना पड़ सकता था।

उन्होंने कहा कि एक्स सर्विसमैन प्रशिक्षित मानव संसाधन हैं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें दोबारा सेवा का अवसर मिल सकता है। रिटायर होने के बाद भी 5 वर्ष तक रिजर्व कमिटमेंट रहता है, ऐसे में जरूरत होने पर उन्हें बुलाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई पूर्व सैनिक स्वेच्छा से सेना के स्टेशनों पर रिपोर्ट करने पहुंचे थे, सभी देश सेवा को तत्पर थे।


भविष्य में युद्ध की प्रकृति बदलेगी – साइबर अटैक सबसे बड़ा खतरा

जनरल सिंह ने कहा कि आने वाले समय में युद्ध का तरीका पूरी तरह बदल रहा है।
आज लड़ाई सिर्फ सीमा पर नहीं लड़ी जाती, बल्कि—

  • साइबर हमला किसी भी सिस्टम को ठप कर सकता है

  • एयरपोर्ट कंट्रोल, रेलवे, ट्रैफिक सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं

  • नॉन-कॉन्टेक्ट और कॉन्टेक्ट वॉरफेयर दोनों ही स्थितियाँ संभव

उन्होंने कहा, आज की लड़ाई में पूरा देश शामिल होता है, इसलिए सिविल प्रशासन और सेना को मिलकर काम करना होगा।


सेना जल्द बनाएगी 20 अस्पताल – पूर्व सैनिकों को घर तक मेडिकल सेवा

लेफ्टिनेंट जनरल ने बताया कि सेना देशभर में 20 नए अस्पताल बनाने की योजना पर कार्य कर रही है।
इन अस्पतालों में—
✔ सर्विसमैन
✔ एक्स सर्विसमैन
दोनों के इलाज की सुविधा होगी।

इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष से अधिक आयु वाले पूर्व सैनिकों को घर-घर मेडिकल सुविधा पहुँचाने पर भी काम चल रहा है। ब्लॉक स्तर पर वॉलंटियर नियुक्त किए जाएंगे और पूरा सिस्टम स्पर्श योजना से जोड़ा जा रहा है।


रैली में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक शामिल

डॉट डिवीजन के अधिकार क्षेत्र वाले हिसार, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी से आए वेटरन्स ने रैली में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह के साथ कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह व रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जेडीएस यादव भी उपस्थित रहे।


#ऑपरेशन सिंदूर में चुनौतीपूर्ण समय, सेना ने तैयार रखी रिजर्व फौज

#ऑपरेशन सिंदूर सेना बयान

#लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हालात कठिन थे, जरूरत पड़ती तो पूर्व सैनिकों को देश सेवा में वापस बुलाया जाता।

#ऑपरेशन सिंदूर, #भारतीय सेना, म#नजिंदर सिंह,# एक्स सर्विसमैन रैली, #हिसार कैंट, #भारतीय रक्षा समाचार, साइबर वारफेयर, सेना अस्पताल परियोजना

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।

जल्दी खत्म हुई लड़ाई, नहीं तो पूर्व सैनिकों को बुलाना पड़ता – सेना देश में बनाएगी 20 अस्पताल

हिसार, 29 नवंबर।
साउथ-वेस्टर्न कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे। आतंकवादी हमले के बाद पूरा देश सेना की कार्रवाई पर नजरें टिकाए था। सेना लंबी लड़ाई की तैयारी में थी और एक्स सर्विसमैन की लिस्ट भी तैयार कर ली गई थी, लेकिन लड़ाई जल्दी खत्म हो गई और सिर्फ 19 घंटे में दुश्मन ने घुटने टेक दिए


पूर्व सैनिकों को वापस बुलाने की तैयारी थी

लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने हिसार कैंट स्थित मिलिट्री स्टेशन में एक्स सर्विसमैन रैली के दौरान मीडिया से बातचीत में बताया —

अगर युद्ध लंबा चलता, रूस–यूक्रेन की तरह खिंचता, तो पूर्व सैनिकों को वापस बुलाना पड़ सकता था।

उन्होंने कहा कि एक्स सर्विसमैन प्रशिक्षित मानव संसाधन हैं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें दोबारा सेवा का अवसर मिल सकता है। रिटायर होने के बाद भी 5 वर्ष तक रिजर्व कमिटमेंट रहता है, ऐसे में जरूरत होने पर उन्हें बुलाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई पूर्व सैनिक स्वेच्छा से सेना के स्टेशनों पर रिपोर्ट करने पहुंचे थे, सभी देश सेवा को तत्पर थे।


भविष्य में युद्ध की प्रकृति बदलेगी – साइबर अटैक सबसे बड़ा खतरा

जनरल सिंह ने कहा कि आने वाले समय में युद्ध का तरीका पूरी तरह बदल रहा है।
आज लड़ाई सिर्फ सीमा पर नहीं लड़ी जाती, बल्कि—

  • साइबर हमला किसी भी सिस्टम को ठप कर सकता है

  • एयरपोर्ट कंट्रोल, रेलवे, ट्रैफिक सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं

  • नॉन-कॉन्टेक्ट और कॉन्टेक्ट वॉरफेयर दोनों ही स्थितियाँ संभव

उन्होंने कहा, आज की लड़ाई में पूरा देश शामिल होता है, इसलिए सिविल प्रशासन और सेना को मिलकर काम करना होगा।


सेना जल्द बनाएगी 20 अस्पताल – पूर्व सैनिकों को घर तक मेडिकल सेवा

लेफ्टिनेंट जनरल ने बताया कि सेना देशभर में 20 नए अस्पताल बनाने की योजना पर कार्य कर रही है।
इन अस्पतालों में—
✔ सर्विसमैन
✔ एक्स सर्विसमैन
दोनों के इलाज की सुविधा होगी।

इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष से अधिक आयु वाले पूर्व सैनिकों को घर-घर मेडिकल सुविधा पहुँचाने पर भी काम चल रहा है। ब्लॉक स्तर पर वॉलंटियर नियुक्त किए जाएंगे और पूरा सिस्टम स्पर्श योजना से जोड़ा जा रहा है।


रैली में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक शामिल

डॉट डिवीजन के अधिकार क्षेत्र वाले हिसार, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी से आए वेटरन्स ने रैली में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह के साथ कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह व रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जेडीएस यादव भी उपस्थित रहे।


#ऑपरेशन सिंदूर में चुनौतीपूर्ण समय, सेना ने तैयार रखी रिजर्व फौज

#ऑपरेशन सिंदूर सेना बयान

#लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हालात कठिन थे, जरूरत पड़ती तो पूर्व सैनिकों को देश सेवा में वापस बुलाया जाता।

#ऑपरेशन सिंदूर, #भारतीय सेना, म#नजिंदर सिंह,# एक्स सर्विसमैन रैली, #हिसार कैंट, #भारतीय रक्षा समाचार, साइबर वारफेयर, सेना अस्पताल परियोजना