सीडीओ की कार्यवाही से लापरवाह कर्मियों में हड़कम्प
कौशाम्बी। मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 किशोर त्रिवेदी द्वारा जनपद के विकास की कड़ी को जिस प्रकार युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है उससे सरकार व शासन के निर्देशों को शत-प्रतिशत अमलीजामा पहनना देखा जा रहा है। विगत कई वर्षों बाद जनपद में किसी ऐसे बड़े अधिकारी का आगमन हुआ है जिसके द्वारा विकास की हकीकत को जमीनी स्तर पर जाना व समझा जा रहा है।मुख्य विकास अधिकारी डॉ रविकिशोर त्रिवेदी द्वारा विकास खंडों का आकस्मिक निरीक्षण कर लापरवाह कर्मचारियों में जिस प्रकार हड़कंप ला दिया गया है उससे खलबली का माहौल देखा जा रहा है। विगत दिनों मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सिराथू वा सरसँवा विकास खंड का आकस्मिक निरीक्षण करते हुए रात निवास न करने वाले अधिकारियों पर नोटिस जारी की गई थी। वहीं गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी डॉ त्रिवेदी अचानक चायल तहसील के नवादा ब्लॉक में जा धमके। मुख्य विकास अधिकारी के निरीक्षण में संयुक्त खंड विकास अधिकारी नेवादा ,विमल प्रकाश पांडे विकासखंड मुख्यालय में निवासित नहीं पाए गए ।इसी कड़ी में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा पीएससी का भी निरीक्षण किया गया। जिसमें पीएचसी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी नेवादा डॉ ललित सिंह मौके पर निवासित नहीं पाए गए। वहीं इमरजेंसी वार्ड में कार्यरत स्टाफ नर्स श्रीमती सुषमा मौके पर उपस्थित पाई गई। सीडीओ ने पशु अस्पताल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पशु चिकित्सा अधिकारी नेवादा डॉ प्रदीप कुमार सिंह मौके पर निवासित नहीं पाए गए। इसी प्रकार सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी नेवादा नीरज कुमार उमराव भी मौके पर निवासित नहीं पाए गए। बाल विकास परियोजना अधिकारी नेवादा शिव कुमार मिश्रा भी मौके पर निवासित नहीं पाए गए। जिससे मुख्य विकास अधिकारी ने उक्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके वेतन रोकने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा नित्य नए आकस्मिक निरीक्षण से जनपद के विकास से संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है ।वही सरकार व सत्ता की मनसा को मुख्य विकास अधिकारी की कार्यशैली से शत-प्रतिशत अमलीजामा पहनाने का पूरा प्रयास सफल होता देखा जा रहा है।



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