जौनपुर। एक तरफ जहां कोरोना महामारी से पूरा देश जूझ रहा है वही नगर अन्तिम संस्कार स्थल राम घाट शमशान पर मनमानी तरीके से वहां पर मौजूद लकड़ी दुकानदार व दाह संस्कार करने वाले डोम मृतक के परिजनों से मनमानी रूपया वसूल रहे है। बताते है कि पहले शमशान पर लकड़ी 240 मन बेची जा रही थी लेकिन इस महामारी प्रकोप के दौरान 500 रुपए मन बेची जा रही है । इसकी वजह से दवा इलाज कराने के बाद किसी प्रकार दाह संस्कार करने वाले लोगों को कर्ज और जिल्लत का सामना करना पड़ रहा है। शवदाह स्थल पर मजबूरी का फायदा उठाने वालों पर अगर कार्यवाही न की गयी तो किसी दिन मामला विस्फोटक होने की संभावना जतायी जा रही है। लाश जलाने वाले डोम पहले 200 रूपये तक में लाश को जलाते थे लेकिन लाशो के बढ़ती संख्या से उनका दिमाग आसमान पर पहुंच गया है और वे दो हजार रूपये से कम लेने के लिए तैयार नहीं हैं मजबूरन लोगों को जहां तहां से व्यवस्था कर उनकी नाजायज मांग मानने पर विवश होना पड़ा रहा है। घाट पर लकड़ी के दुकानदारों और मनमाने तरीके से रूपये वसूल कर लाश जलाने वालों की स्थिति को देखते हुए प्रबुद्धजनों ने जिला अधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। लोगों ने मांग किया हैं कि अधिक मूल्य पर लकड़ी बेचे जाने वाले दुकानदारों तथा श्मशान पर अवैध रूप से रूपया वसूलने वालों पर अति शीघ्र अंकुश लगाया जाए जिससे दूरदराज से आए गरीब और असहाय लोगों को दाह संस्कार करने में कठिनाई का सामना न करना पड़े और अनावश्यक विवाद से बचा जा सके।
जौनपुर। एक तरफ जहां कोरोना महामारी से पूरा देश जूझ रहा है वही नगर अन्तिम संस्कार स्थल राम घाट शमशान पर मनमानी तरीके से वहां पर मौजूद लकड़ी दुकानदार व दाह संस्कार करने वाले डोम मृतक के परिजनों से मनमानी रूपया वसूल रहे है। बताते है कि पहले शमशान पर लकड़ी 240 मन बेची जा रही थी लेकिन इस महामारी प्रकोप के दौरान 500 रुपए मन बेची जा रही है । इसकी वजह से दवा इलाज कराने के बाद किसी प्रकार दाह संस्कार करने वाले लोगों को कर्ज और जिल्लत का सामना करना पड़ रहा है। शवदाह स्थल पर मजबूरी का फायदा उठाने वालों पर अगर कार्यवाही न की गयी तो किसी दिन मामला विस्फोटक होने की संभावना जतायी जा रही है। लाश जलाने वाले डोम पहले 200 रूपये तक में लाश को जलाते थे लेकिन लाशो के बढ़ती संख्या से उनका दिमाग आसमान पर पहुंच गया है और वे दो हजार रूपये से कम लेने के लिए तैयार नहीं हैं मजबूरन लोगों को जहां तहां से व्यवस्था कर उनकी नाजायज मांग मानने पर विवश होना पड़ा रहा है। घाट पर लकड़ी के दुकानदारों और मनमाने तरीके से रूपये वसूल कर लाश जलाने वालों की स्थिति को देखते हुए प्रबुद्धजनों ने जिला अधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। लोगों ने मांग किया हैं कि अधिक मूल्य पर लकड़ी बेचे जाने वाले दुकानदारों तथा श्मशान पर अवैध रूप से रूपया वसूलने वालों पर अति शीघ्र अंकुश लगाया जाए जिससे दूरदराज से आए गरीब और असहाय लोगों को दाह संस्कार करने में कठिनाई का सामना न करना पड़े और अनावश्यक विवाद से बचा जा सके।



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