सीजीएम कोर्ट में सुनवाई 29 अप्रैल को
प्रयागराज। दो माह पहले हिंदी दैनिक अखबार में छपे मुख्यमंत्री के वक्तव्य से क्षुब्ध होकर जिला अदालत के एक अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमे की अर्जी दाखिल की है। जिस पर प्रभारी स्पेशल सीजीएम डॉक्टर लकी ने क्षेत्राधिकार के सुनवाई के लिए 29 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है। उक्त अदालत में अधिवक्ता आजम राईन ने सीएम के खिलाफ मुकदमे की अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया है कि 16 फरवरी 23 को हिंदी दैनिक समाचार पत्र हिंदुस्तान व अमर उजाला में मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया वक्तव्य (भारत हिंदू राष्ट्र है और यहां का हर नागरिक हिंदू है) भारतीय संविधान के प्रस्तावना में उल्लेखित धर्मनिरपेक्ष शब्द का पूरी तरह उल्लंघन करता है एवं भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 295 (क) एवं 298 व 505( 2) को आकर्षित कर रहा है। जो संज्ञेय अपराध है तथा दंडनीय है। इस लिए प्रार्थी उक्त मामले में अर्जी दे रहा है। जो न्यायालय द्वारा विचार योग्य है। अधिवक्ता का कहना है कि वह मुस्लिम है और इस्लाम धर्म का अनुयाई है तथा मुख्यमंत्री द्वारा भारत के सभी नागरिकों को हिंदू घोषित करने का कोई अधिकार नहीं है तथा उक्त वक्तव्य विधि विरुद्ध है और दंडनीय है।उक्त प्रार्थना पत्र न्यायालय द्वारा विचार योग्य है। अधिवक्ता का यह भी आराेप है कि भारतीय संविधान कि अनुच्छेद 25 में वर्णित( प्रार्थी के मौलिक अधिकार) धार्मिक स्वतंत्रता को प्रतिबंधित कर रहा है जो विधि का खुला उल्लंघन है। जिससे उसकी अंतरात्मा को ठेस पहुंची है और छुब्ध है। इसलिए अर्जी दाखिल किया है।जिसको स्वीकार करते हुए विपक्षी के विरुद्ध एफआई आर दर्ज करने व विवेचना करने के लिए संबंधित थाना प्रभारी को आदेशित किया जाय।



उत्तरप्रदेश








शेयर करें








































































