लोकमित्र ब्यूरो
लालगोपालगंज (प्रयागराज)। श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि एवं प्रभु श्री राम की कर्मभूमि श्रृंगवेरपुर धाम में गंगा नदी के पानी ने रंग बदलना शुरू कर दिया है। पानी का रंग लाल और हरा होने लगा है। पानी के बदलते हुए रंग से गंगा के अस्तित्व का संकट भी गहरा हो गया है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी गंगा नदी श्री राम घाट से दूर हट चुकी हैं। वहीं दूसरी तरफ श्मशान घाट और मुख्य घाट पर फैली हुई गंदगी ने स्थानीय ग्रामीण एवं श्रद्धालुओं की समस्या को बढ़ा दिया है। श्रृंग्वेरपुर घाट पर तेजी से बदबू फैल रही है। जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियां पैदा होने की आशंकाएं भी लगाई जाने लगी। सूअरों एवं जीव जंतुओं का झुंड स्वयं मे समेटे हुए गंदगी के अंबार को गंगा में मिलाकर दलदल बना रहा है। घाट पर पॉलीथिन एवं फूल मालाओं समेत विभिन्न घरेलू वस्तुओं का अंबार लगा हुआ है। श्रृंगवेरपुर महोत्सव के महामंत्री अरुण द्विवेदी बताते हैं कि गंगा में रंग बदलने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। इसके साथ सफाई कर्मचारी की अनुपस्थिति के कारण घाट पर व्यवस्थाएं नदारद है। श्रृंगवेरपुर धाम के विभिन्न घाटों में गंगा का रंग धीरे-धीरे बदल रहा है। श्रृंग्वेरपुरधाम पौराणिक स्थल है। जहाँ पर करोङो की परियोजनाए चल रही है। प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्य को गति प्रदान की गई है। लेकिन शासन प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण समस्याएं गंभीर होती जा रही है। माघ के महीने मे हजारों ग्रामीण स्नान के लिए श्रृंग्वेरपुरधाम पहुंच रहे है।
लोकमित्र ब्यूरो
लालगोपालगंज (प्रयागराज)। श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि एवं प्रभु श्री राम की कर्मभूमि श्रृंगवेरपुर धाम में गंगा नदी के पानी ने रंग बदलना शुरू कर दिया है। पानी का रंग लाल और हरा होने लगा है। पानी के बदलते हुए रंग से गंगा के अस्तित्व का संकट भी गहरा हो गया है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी गंगा नदी श्री राम घाट से दूर हट चुकी हैं। वहीं दूसरी तरफ श्मशान घाट और मुख्य घाट पर फैली हुई गंदगी ने स्थानीय ग्रामीण एवं श्रद्धालुओं की समस्या को बढ़ा दिया है। श्रृंग्वेरपुर घाट पर तेजी से बदबू फैल रही है। जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियां पैदा होने की आशंकाएं भी लगाई जाने लगी। सूअरों एवं जीव जंतुओं का झुंड स्वयं मे समेटे हुए गंदगी के अंबार को गंगा में मिलाकर दलदल बना रहा है। घाट पर पॉलीथिन एवं फूल मालाओं समेत विभिन्न घरेलू वस्तुओं का अंबार लगा हुआ है। श्रृंगवेरपुर महोत्सव के महामंत्री अरुण द्विवेदी बताते हैं कि गंगा में रंग बदलने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। इसके साथ सफाई कर्मचारी की अनुपस्थिति के कारण घाट पर व्यवस्थाएं नदारद है। श्रृंगवेरपुर धाम के विभिन्न घाटों में गंगा का रंग धीरे-धीरे बदल रहा है। श्रृंग्वेरपुरधाम पौराणिक स्थल है। जहाँ पर करोङो की परियोजनाए चल रही है। प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्य को गति प्रदान की गई है। लेकिन शासन प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण समस्याएं गंभीर होती जा रही है। माघ के महीने मे हजारों ग्रामीण स्नान के लिए श्रृंग्वेरपुरधाम पहुंच रहे है।



उत्तरप्रदेश








शेयर करें







































































