गदाईपुर गांव निवासी मोहम्मद अफसर उर्फ जैद का शव गोताखोर भी नहीं तलाश पाए थे
लोकमित्र ब्यूरो
मऊआइमा (प्रयागराज)। पांच दिन पहले गायब हाई स्कूल के छात्र का शव तालाब में उतराता पाया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। थाना क्षेत्र के गदाईपुर गांव निवासी मोहम्मद हारून का 16 वर्षीय पुत्र मोहम्मद अफसर उर्फ जैद जोगापुर स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में हाई स्कूल का छात्र था। परिजनों के अनुसार जैद 25 जनवरी को दोपहर में भोजन करके घर से निकला फिर वापस नहीं आया। पिता मोहम्मद हारून ने गुमशुदगी दर्ज कराई। 26 जनवरी को जैद का चप्पल घर से दूर ग्राम सुलतानपुर खास स्थित तालाब के किनारे मिली। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने गोताखोरों एवम दमकल की मदद से शव तलाशने की बड़ी मशक्कत की परन्तु सफलता नहीं मिली। सोमवार सुबह उसी तालाब में जैद का उतराता हुआ शव दिखा तो हडकंप मच गया। परिजन रोने बिलखने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैद तीन भाईयों में अब्दुल रहमान, मोहम्मद शोएब के बाद तीसरे नम्बर पर था। पिता मोहम्मद हारून मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
गदाईपुर गांव निवासी मोहम्मद अफसर उर्फ जैद का शव गोताखोर भी नहीं तलाश पाए थे
लोकमित्र ब्यूरो
मऊआइमा (प्रयागराज)। पांच दिन पहले गायब हाई स्कूल के छात्र का शव तालाब में उतराता पाया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। थाना क्षेत्र के गदाईपुर गांव निवासी मोहम्मद हारून का 16 वर्षीय पुत्र मोहम्मद अफसर उर्फ जैद जोगापुर स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में हाई स्कूल का छात्र था। परिजनों के अनुसार जैद 25 जनवरी को दोपहर में भोजन करके घर से निकला फिर वापस नहीं आया। पिता मोहम्मद हारून ने गुमशुदगी दर्ज कराई। 26 जनवरी को जैद का चप्पल घर से दूर ग्राम सुलतानपुर खास स्थित तालाब के किनारे मिली। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने गोताखोरों एवम दमकल की मदद से शव तलाशने की बड़ी मशक्कत की परन्तु सफलता नहीं मिली। सोमवार सुबह उसी तालाब में जैद का उतराता हुआ शव दिखा तो हडकंप मच गया। परिजन रोने बिलखने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैद तीन भाईयों में अब्दुल रहमान, मोहम्मद शोएब के बाद तीसरे नम्बर पर था। पिता मोहम्मद हारून मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।



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