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विश्व हिंदी दिवस पर काव्य गोष्ठी व सम्मान समारोह का आयोजन

प्रतापगढ़ । सृजना साहित्यिक संस्था उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार दयाराम मौर्य रत्न ने कहा कि हिंदी वैश्वीकरण के दौर की सबसे सशक्त भाषा है।वैश्विक पटल पर हिंदी का बढ़ता गौरव बेहद सुखद है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी रोशनलाल ऊमर वैश्य ने कहा कि हिंदी हिंद की ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व की शान है।हमें हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल देना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि आनंद मोहन ओझा ने कहा कि हिंदी जैसी माधुर्य एवं भावयुक्त भाषा विश्व में कोई दूसरी नहीं है। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम कुमार त्रिपाठी प्रेम,श्रीनाथ मौर्य सरस,अमरनाथ गुप्ता बेजोड़,राधेश्याम दीवाना,कुंजबिहारी काकाश्री एवं अनिल कुमार निलय द्वारा काव्यपाठ किया गया। कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार निलय ने किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ द्वारा वंशीधर शुक्ल साहित्य सम्मान प्राप्त करने के उपलक्ष्य में अवधी कबिता संग्रह खेत खरिहान के रचयिता वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ०दयाराम मौर्य रत्न का सारस्वत सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी साहित्यकारों ने एक स्वर में हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाने की मांग की।

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प्रतापगढ़ । सृजना साहित्यिक संस्था उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार दयाराम मौर्य रत्न ने कहा कि हिंदी वैश्वीकरण के दौर की सबसे सशक्त भाषा है।वैश्विक पटल पर हिंदी का बढ़ता गौरव बेहद सुखद है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी रोशनलाल ऊमर वैश्य ने कहा कि हिंदी हिंद की ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व की शान है।हमें हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल देना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि आनंद मोहन ओझा ने कहा कि हिंदी जैसी माधुर्य एवं भावयुक्त भाषा विश्व में कोई दूसरी नहीं है। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम कुमार त्रिपाठी प्रेम,श्रीनाथ मौर्य सरस,अमरनाथ गुप्ता बेजोड़,राधेश्याम दीवाना,कुंजबिहारी काकाश्री एवं अनिल कुमार निलय द्वारा काव्यपाठ किया गया। कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार निलय ने किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ द्वारा वंशीधर शुक्ल साहित्य सम्मान प्राप्त करने के उपलक्ष्य में अवधी कबिता संग्रह खेत खरिहान के रचयिता वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ०दयाराम मौर्य रत्न का सारस्वत सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी साहित्यकारों ने एक स्वर में हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाने की मांग की।

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