V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

भयहरणनाथ धाम में वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न

भयहरणनाथ धाम की सार्वजनिक भूमि व तालाब हो कब्जा मुक्त – प्रबन्ध समिति बकुलाही नदी के अवशेष कार्यो को पूर्ण कराके क्षेत्र का जल संकट दूर करे सरकार –  समाज शेखर
भयहरणनाथ धाम मेला मन्दिर परिसर में डी0जे0 वाद्य यंत्र पूर्णतया प्रतिबन्धित प्रसिद्ध पांडव कालीन भयहरणनाथ धाम में गत वर्षों की भांति विश्व स्वयं सेवक दिवस पर भयहरणनाथ धाम क्षेत्रीय विकास संस्थान द्वारा वार्षिक अधिवेशन का देर शाम तक आयोजन हुआ। दो सत्रों में हुए अधिवेशन में सभी सदस्यों ने सरकार व जिला प्रशासन से अति प्राचीन इस धाम व धार्मिक स्थल की सार्वजनिक भूमि] तालाब व बंजर आदि को कब्जा मुक्त कराके समग्र विकास कराने की मांग हुई। साथ ही बकुलाही नदी पुनरोद्धार के अवशेष सरकारी कार्यों को यथाशीघ्र कराने की अपील हुई। प्रारम्भ में ही धाम के महासचिव व बकुलाही नदी पुनरोद्धार अभियान के संयोजक समाज शेखर ने सभी का स्वागत करते हुए धाम व बकुलाही नदी के सन्दर्भ में आवश्यक जानकारी दी। अधिवेशन के प्रथम सत्र की अध्यक्षता धाम के अध्यक्ष आचार्य राज कुमार शुक्ल ने की। चर्चा हुई कि धाम में प्रत्येक मंगलवार को मेला लगता है मेले में भारी भीड होती है। सभी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि धाम में प्रत्येक मंगलवार को आवश्यकतानुसार प्र्याप्त पुलिस व्यवस्था हो। वहीं तय किया गया कि धाम परिसर में एक साईकिल स्टैन्ड अनवार्य रूप से जल्द शुरू किया जाए जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा हो। वहीं धाम परिसर में डी0जे0 वाद्य यन्त्र के बढते शोर के मददेनजर व्यापक जनहित में काफी चर्चा के उपरान्त तय हुआ कि मंगलवार व मेलों के दिन पहले से ही डी0जे0 वाद्ययंत्र धाम परिसर मे 2012 से ही पुलिस व प्रबन्ध समिति द्वारा प्रतिबन्धित है। अब प्रतिदिन धाम परिसर के बाहर तक ही डीजे बजाया जा सकेगा। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता उपाध्यक्ष प्रशासन शिक्षाविद् बबन सिंह ने की। बकुलाही नदी के अवशेष सरकारी कार्यों खासकर डायवर्जन चेक डैम व पुल पुलियों के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा हुई। सभी ने सरकार से अपील की अवशेष कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कराके क्षेत्र के जल संकट को दूर करने में हम सब का सहयोग करे। आगामी महाशिवरात्रि पर धाम में होने वाले 23 वें महाकाल महोत्सव के सम्बन्ध में चर्चा हुई , सदस्यो ने कहा की गत 23 वर्षों से हम सब मिलकर धाम को जगाने में जुटे हैं अब सरकार को भी सहयोग करना चाहिए। जिस पर तय हुआ कि विधायक व सांसद तथा जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजवाया जाए।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।
भयहरणनाथ धाम की सार्वजनिक भूमि व तालाब हो कब्जा मुक्त – प्रबन्ध समिति बकुलाही नदी के अवशेष कार्यो को पूर्ण कराके क्षेत्र का जल संकट दूर करे सरकार –  समाज शेखर
भयहरणनाथ धाम मेला मन्दिर परिसर में डी0जे0 वाद्य यंत्र पूर्णतया प्रतिबन्धित प्रसिद्ध पांडव कालीन भयहरणनाथ धाम में गत वर्षों की भांति विश्व स्वयं सेवक दिवस पर भयहरणनाथ धाम क्षेत्रीय विकास संस्थान द्वारा वार्षिक अधिवेशन का देर शाम तक आयोजन हुआ। दो सत्रों में हुए अधिवेशन में सभी सदस्यों ने सरकार व जिला प्रशासन से अति प्राचीन इस धाम व धार्मिक स्थल की सार्वजनिक भूमि] तालाब व बंजर आदि को कब्जा मुक्त कराके समग्र विकास कराने की मांग हुई। साथ ही बकुलाही नदी पुनरोद्धार के अवशेष सरकारी कार्यों को यथाशीघ्र कराने की अपील हुई। प्रारम्भ में ही धाम के महासचिव व बकुलाही नदी पुनरोद्धार अभियान के संयोजक समाज शेखर ने सभी का स्वागत करते हुए धाम व बकुलाही नदी के सन्दर्भ में आवश्यक जानकारी दी। अधिवेशन के प्रथम सत्र की अध्यक्षता धाम के अध्यक्ष आचार्य राज कुमार शुक्ल ने की। चर्चा हुई कि धाम में प्रत्येक मंगलवार को मेला लगता है मेले में भारी भीड होती है। सभी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि धाम में प्रत्येक मंगलवार को आवश्यकतानुसार प्र्याप्त पुलिस व्यवस्था हो। वहीं तय किया गया कि धाम परिसर में एक साईकिल स्टैन्ड अनवार्य रूप से जल्द शुरू किया जाए जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा हो। वहीं धाम परिसर में डी0जे0 वाद्य यन्त्र के बढते शोर के मददेनजर व्यापक जनहित में काफी चर्चा के उपरान्त तय हुआ कि मंगलवार व मेलों के दिन पहले से ही डी0जे0 वाद्ययंत्र धाम परिसर मे 2012 से ही पुलिस व प्रबन्ध समिति द्वारा प्रतिबन्धित है। अब प्रतिदिन धाम परिसर के बाहर तक ही डीजे बजाया जा सकेगा। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता उपाध्यक्ष प्रशासन शिक्षाविद् बबन सिंह ने की। बकुलाही नदी के अवशेष सरकारी कार्यों खासकर डायवर्जन चेक डैम व पुल पुलियों के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा हुई। सभी ने सरकार से अपील की अवशेष कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कराके क्षेत्र के जल संकट को दूर करने में हम सब का सहयोग करे। आगामी महाशिवरात्रि पर धाम में होने वाले 23 वें महाकाल महोत्सव के सम्बन्ध में चर्चा हुई , सदस्यो ने कहा की गत 23 वर्षों से हम सब मिलकर धाम को जगाने में जुटे हैं अब सरकार को भी सहयोग करना चाहिए। जिस पर तय हुआ कि विधायक व सांसद तथा जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजवाया जाए।

Leave a Comment