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सरकारी जमीन कब्जा करने का मामला

अदालत की भी नहीं सुनते एसडीएम हंडिया- नहीं हो रहे हाजिर
दबंगों ने विधवा को पीटा
प्रयागराज। थाना फूलपुर तहसील हंडिया क्षेत्र के ग्राम करूआडीह में गरीब, विधवा महिला के दरवाजे पर स्थित सरकारी जमीन को दबंगों द्वारा लेखपाल से मिलीभगत कर कब्जा करने के एक मामले में एसडीएम हंडिया की लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता द्वारा अदालत में दी गई अर्जी पर जब सीजेएम हरेंद्र नाथ ने एसडीएम से आख्या तलब की  तो उन्होंने रिपोर्ट पेश नहीं की। यही नहीं जब अदालत ने उन्हें तलब का स्पष्टीकरण मांगा तब भी वे हाजिर नहीं हुए। जिसके तहत अदालत ने पुनः एसडीएम हड्डियां को नोटिस जारी कर उसकी कॉपी डीएम को भेजने का आदेश देते हुए 15 दिसंबर को स्पष्टीकरण देने का हुक्म दिया है। बता दें कि उक्त अदालत में पीड़िता बिंदु देवी पत्नी स्वर्गीय विनोद कुमार गुप्ता ने विपक्षी गणों हल्का लेखपाल, कानूनगो तथा माधव पाल, सुरेंद्र कुमार, लालमणि, प्रेमचंद्र सहित नौ लोगों के खिलाफ मुकदमे की अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया है कि वह विधवा तथा गरीब है। उसका सेवन दरवाजा व निकास, उठना बैठना आदि गांव सभा की सरकारी भूमि पर है। उसी पर छत का पानी गिरता चला आ रहा है। उसी जमीन पर उक्त आरोपियों ने हल्का लेखपाल व कानूनगो से मिलीभगत कर उनकी मौजूदगी में पक्की दीवार बनाकर उसका निकास दरवाजा रोशनदान बंद कर, सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। 15 अक्टूबर 2021 को वह रिपोर्ट लिखाने थाना फूलपुर जा रही थी तभी उक्त आरोपी गढ़ उसके दरवाजे पर गाली गुप्ता देते हुए चढ़ आए। लात घूंसो और डंडों से मारा पीटा तथा ब्लाउज में रखा बटुआ, जिसमें रुपए थे हाथ डाल कर निकाल लिया। भीड़ जमा होने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए । उक्त घटना के बाद पीड़िता ने अदालत में अर्जी दी। जिस पर अदालत ने एसडीएम हंडिया को जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। लेकिन एसडीएम हंडिया ने अपनी लापरवाही का सबूत देते हुए आख्या नहीं भेजी। फिर अदालत ने उन्हें रिपोर्ट के साथ तलब किया और कई तारीखें देकर मौका भी दिया। लेकिन उसके बाद भी एसडीएम हंडिया अदालती आदेश की अनदेखी करते रहे और अभी तक उन्होंने जांच रिपोर्ट तथा देरी के बाबत स्पष्टीकरण  प्रस्तुत नहीं किया। जिसके तहत अदालत ने उक्तआदेश पारित किया।

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अदालत की भी नहीं सुनते एसडीएम हंडिया- नहीं हो रहे हाजिर
दबंगों ने विधवा को पीटा
प्रयागराज। थाना फूलपुर तहसील हंडिया क्षेत्र के ग्राम करूआडीह में गरीब, विधवा महिला के दरवाजे पर स्थित सरकारी जमीन को दबंगों द्वारा लेखपाल से मिलीभगत कर कब्जा करने के एक मामले में एसडीएम हंडिया की लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता द्वारा अदालत में दी गई अर्जी पर जब सीजेएम हरेंद्र नाथ ने एसडीएम से आख्या तलब की  तो उन्होंने रिपोर्ट पेश नहीं की। यही नहीं जब अदालत ने उन्हें तलब का स्पष्टीकरण मांगा तब भी वे हाजिर नहीं हुए। जिसके तहत अदालत ने पुनः एसडीएम हड्डियां को नोटिस जारी कर उसकी कॉपी डीएम को भेजने का आदेश देते हुए 15 दिसंबर को स्पष्टीकरण देने का हुक्म दिया है। बता दें कि उक्त अदालत में पीड़िता बिंदु देवी पत्नी स्वर्गीय विनोद कुमार गुप्ता ने विपक्षी गणों हल्का लेखपाल, कानूनगो तथा माधव पाल, सुरेंद्र कुमार, लालमणि, प्रेमचंद्र सहित नौ लोगों के खिलाफ मुकदमे की अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया है कि वह विधवा तथा गरीब है। उसका सेवन दरवाजा व निकास, उठना बैठना आदि गांव सभा की सरकारी भूमि पर है। उसी पर छत का पानी गिरता चला आ रहा है। उसी जमीन पर उक्त आरोपियों ने हल्का लेखपाल व कानूनगो से मिलीभगत कर उनकी मौजूदगी में पक्की दीवार बनाकर उसका निकास दरवाजा रोशनदान बंद कर, सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। 15 अक्टूबर 2021 को वह रिपोर्ट लिखाने थाना फूलपुर जा रही थी तभी उक्त आरोपी गढ़ उसके दरवाजे पर गाली गुप्ता देते हुए चढ़ आए। लात घूंसो और डंडों से मारा पीटा तथा ब्लाउज में रखा बटुआ, जिसमें रुपए थे हाथ डाल कर निकाल लिया। भीड़ जमा होने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए । उक्त घटना के बाद पीड़िता ने अदालत में अर्जी दी। जिस पर अदालत ने एसडीएम हंडिया को जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। लेकिन एसडीएम हंडिया ने अपनी लापरवाही का सबूत देते हुए आख्या नहीं भेजी। फिर अदालत ने उन्हें रिपोर्ट के साथ तलब किया और कई तारीखें देकर मौका भी दिया। लेकिन उसके बाद भी एसडीएम हंडिया अदालती आदेश की अनदेखी करते रहे और अभी तक उन्होंने जांच रिपोर्ट तथा देरी के बाबत स्पष्टीकरण  प्रस्तुत नहीं किया। जिसके तहत अदालत ने उक्तआदेश पारित किया।

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