संगत बड़े ही प्रेम पूर्वक गुरु का लंगर छकती रही
लोकमित्र ब्यूरो
नैनी (प्रयागराज)। नैनी गुरुद्वारा संगत में साहिब श्री गुरु नानक देव जी का 553वां प्रकाश उत्सव बड़ी ही श्रद्धा,आस्था, विश्वास से मनाया गया। प्रातः काल से ही संगतो का गुरुद्वारा प्रांगण में आना प्रारंभ हो गया संगत फूलमाला,पुष्पगुच्छ लेकर गुरुद्वारा पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे मत्था टेक कर पंक्तिबद्ध बैठकर गुरबाणी, शबद-कीर्तन बड़ी एकाग्रता के साथ सिमरन कर रही थीl सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव जी का प्रकाशोत्सव रविवार को नैनी गुरुद्वारा संगत द्वारा धूमधाम से मनाते हुए गेंदे के फूलों, गुलाब के फूलों व आकर्षक लाइटिंग से गुरुद्वारा साहिब का श्रृंगार हुआ रागी जत्थे द्वारा बहुत ही मनोहर शबद कीर्तन, गुरु इतिहास, व्याख्या, अरदास, हुकुमनामा उपरांत गुरु का अटूट लंगर वितरित होता रहा। संगत ने बड़े ही प्रेम पूर्वक गुरु का लंगर छका। सरदार पतविंदर सिंह ने बताया कि पिछली कई सालों से कोरोना के चलते समागम बड़े लेवल पर नहीं हुए थे लेकिन इस बार गुरु महाराज की कृपा के चलते श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारे मे संगत बड़ी ही श्रद्धा, आस्था, विश्वास के साथ मौजूदगी दिखाई दी। सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने नाम जपो, किरत करो और वंड छको का फलसफा दिया था। इस पर सभी लोगों ने पहरा भी दिया है। कोरोना काल के दौरान पूरे देश-विदेश के लोगों ने देखा कैसे सिख कौम ने सभी लोगों के लिए सेवा की है। यही संदेशों को हमें आगे लेकर जाना है। इस अवसर पर प्रमुख सेवादारों में सुरेंद्र सिंह, जसपाल सिंह, चरनजीत सिंह, परमिंदर सिंह बंटी, सरदार पतविन्दर सिंह, हरजीत सिंह ढींगरा, देवेंद्र अरोड़ा, सतनाम सिंह, राजू चड्ढा, करन होंडा सहित बड़ी संख्या में सेवादार उपस्थित रहेl



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