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60 साल बाद भी राजकीय यूनानी अस्पताल को नसीब नही हो सका अपना भवन

मवई – अयोध्या।  रुदौली विधानसभा के पूरे कामगार गांव में 60 साल पहले स्थापित राजकीय यूनानी अस्पताल को अपना भवन नसीब नही हो सका है।लंबा समय बीत जाने के बाद भी अस्पताल को निजी भवन नहीं मिल सका।किराए के कमरों में अस्पताल का संचालन होता है।स्थानीय लोगों ने अस्पताल के भवन निर्माण की मांग किया है। आपको बता दें मवई ब्लाक के पूरे कामगार गांव में राजकीय यूनानी अस्पताल संचालित होता है।लेकिन एक लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी अस्पताल को निजी भवन नसीब नही हो सका है।झोलाछाप चिकित्सकों की तरह एक।कुर्सी व एक मेज के सहारे बैठकर यहाँ  तैनात चिकित्सक मरीजो को दवा देते है। मवई ब्लॉक मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर पटरंगा रोड़ पर स्थित पचलो क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की स्थापना हुई थी।कुछ वर्ष तक गांव के अंदर एक घर मे अस्पताल चल रहा था।उसके बाद पटरंगा रोड़ पर किराए के भवन में अस्पताल संचालित है।अस्पताल का भवन निर्माण कराए जाने को लेकर ग्रामीण सईद अहमद,इश्तिखार हुसैन,अमरेश यादव, शंभूलाल , सगीर अहमद, मनोज कुमार, सहित सैकड़ों गांव के ग्रामीण अस्पताल बनाए जाने की मांग करते चले आ रहे थे लेकिन सुनवाई नहीं हुई।जिला आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी वृजनन्दन श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पूर्व चिकित्सक रही रिजवाना मसूद ने भवन निर्माण को लेकर पत्राचार किया था।जिसके बाद भूमि का चयन भी किया गया था लेकिन वह विवादित है।उन्होंने बताया कि भवन निर्माण आया प्रस्ताव जिला योजना में लंबित है।धन स्वीकृति होने के बाद भवन निर्माण की राह आसान हो सकती है।वही ग्राम पचलो के प्रधान इश्तिखार ने बताया कि शासन द्वारा मेरे लायक जो सहयोग है वह करने को तैयार है।उन्होंने कहा कि भूमि का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

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मवई – अयोध्या।  रुदौली विधानसभा के पूरे कामगार गांव में 60 साल पहले स्थापित राजकीय यूनानी अस्पताल को अपना भवन नसीब नही हो सका है।लंबा समय बीत जाने के बाद भी अस्पताल को निजी भवन नहीं मिल सका।किराए के कमरों में अस्पताल का संचालन होता है।स्थानीय लोगों ने अस्पताल के भवन निर्माण की मांग किया है। आपको बता दें मवई ब्लाक के पूरे कामगार गांव में राजकीय यूनानी अस्पताल संचालित होता है।लेकिन एक लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी अस्पताल को निजी भवन नसीब नही हो सका है।झोलाछाप चिकित्सकों की तरह एक।कुर्सी व एक मेज के सहारे बैठकर यहाँ  तैनात चिकित्सक मरीजो को दवा देते है। मवई ब्लॉक मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर पटरंगा रोड़ पर स्थित पचलो क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की स्थापना हुई थी।कुछ वर्ष तक गांव के अंदर एक घर मे अस्पताल चल रहा था।उसके बाद पटरंगा रोड़ पर किराए के भवन में अस्पताल संचालित है।अस्पताल का भवन निर्माण कराए जाने को लेकर ग्रामीण सईद अहमद,इश्तिखार हुसैन,अमरेश यादव, शंभूलाल , सगीर अहमद, मनोज कुमार, सहित सैकड़ों गांव के ग्रामीण अस्पताल बनाए जाने की मांग करते चले आ रहे थे लेकिन सुनवाई नहीं हुई।जिला आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी वृजनन्दन श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पूर्व चिकित्सक रही रिजवाना मसूद ने भवन निर्माण को लेकर पत्राचार किया था।जिसके बाद भूमि का चयन भी किया गया था लेकिन वह विवादित है।उन्होंने बताया कि भवन निर्माण आया प्रस्ताव जिला योजना में लंबित है।धन स्वीकृति होने के बाद भवन निर्माण की राह आसान हो सकती है।वही ग्राम पचलो के प्रधान इश्तिखार ने बताया कि शासन द्वारा मेरे लायक जो सहयोग है वह करने को तैयार है।उन्होंने कहा कि भूमि का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

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