लोकमित्र ब्यूरो
खीरी (प्रयागराज)। जहां एक तरफ केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार देश से विलुप्त हो रहे जानवरों की सुरक्षा एवं उनके उचित व्यवस्था के लिए प्रयासरत हैl इसके लिए बहुत ही तेजी से काम कर रही है। वहीं दूसरी तरफ दक्षिणांचल के चांद खमरिया में स्थित वृक्ष संरक्षण केंद्र भगवान के भरोसे ही चल रहा है। जहां पर आए दिन कोई न कोई अप्रिय एवं प्राणघातक घटना काले हिरणों के साथ हो जाया करती है अभी गुरुवार को एक हिरण घायल हाल में देखा गया लोगों की माने तो उसे जंगली कुत्तों ने काटा था। बताते चलें कि प्रयागराज से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर चांद खमरिया गांव में काले हिरण का इलाका पाया जाता है। सरकार द्वारा कृष्ण मृग संरक्षण केंद्र की स्थापना की गई जो लगभग 200 बीघे में फैला हुआ है। जहां पर लगभग 700 काले हिरण मिलने की जानकारी प्राप्त है। जिन की सुरक्षा हेतु किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई है। वहां पर जो कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं उनके पास सुरक्षा के कोई औजार भी नहीं है। कहने को तो काले हिरणों की प्यास बुझाने के लिए छोटे तालाबों की व्यवस्था की गई है किंतु उनमें प्रायः पानी का अभाव बना रहता है। सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण जंगली कुत्तों एवं अन्य कारणों से काले हिरणों का शिकार हो जाया करता है। ऐसी घटनाएं कई बार हो चुकी हैं परंतु संबंधित अधिकारियों को किसी भी तरह का फर्क नहीं पड़ रहा।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन किया कि एक नजर इधर भी डाली जाए। जिससे विलुप्त हो रहे प्राणियों की सुरक्षा हो सके। स्थानीय जिला पंचायत सदस्य राजेश पटेल द्वारा बताया गया कि उक्त घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है परंतु कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा सकाl



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