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पशुओं की रक्षा के लिए स्वामी जी संचालित कर रहे गौ वंश सेवा ट्रस्ट

रानीगंज। पशुओं के साथ क्रूरता औऱ अत्याचार देखकर स्वामी जी ने गाँव में ही एक गौशाला खोलकर पशुओं को एकत्रित करने लगे औऱ आज उनके गौशाला में 80 पशु हो गए है जिनसे वो रोजगार भी विकसित कर रहे है। रानीगंज क्षेत्र के शाहपुर गाँव में इंद्र मोहन यादव ऊर्फ स्वामी जी एक वर्ष पूर्व गाँव में ही ठाकुरदीन गौ वंश सेवा ट्रस्ट के नाम से एक गौशाला खोली औऱ जो लोग पशुओं को छोड़ देते अथवा मारपीट कर भगा देते उन पशुओं को अपनी गौशाला में लाते औऱ उनके चारापानी की ब्यवस्था कर देखभाल करने लगे। आज उनके गौशाला में 80 पशु है जिनसे वो दूध दही के साथ आर्गजैनिक खेती भी कर रहे। उनका कहना है कि सरकार द्वारा उन्हें कोई मदद नही मिली फिर भी पशु सेवा से स्वरोजगार उत्पन्न कर रोजगार बढ़ा रहे साथ ही बेज़ुबान पशुओं की सेवा कर अपने को ख़ुश महसूस कर रहा हूँ। करीब दो बीघे की निजी जमीन में गौशाला का संचालन कर रहे है। स्वामी जी का कहना है कि छुट्टा पशुओं की वजह से किसानों की खेती नष्ट होती थी औऱ लोग लाठी डंडे लेकर पशुओं को मारते पीटते थे जिसको देखकर मैंने पशुओं की रक्षा के लिए कदम बढ़ाया।
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रानीगंज। पशुओं के साथ क्रूरता औऱ अत्याचार देखकर स्वामी जी ने गाँव में ही एक गौशाला खोलकर पशुओं को एकत्रित करने लगे औऱ आज उनके गौशाला में 80 पशु हो गए है जिनसे वो रोजगार भी विकसित कर रहे है। रानीगंज क्षेत्र के शाहपुर गाँव में इंद्र मोहन यादव ऊर्फ स्वामी जी एक वर्ष पूर्व गाँव में ही ठाकुरदीन गौ वंश सेवा ट्रस्ट के नाम से एक गौशाला खोली औऱ जो लोग पशुओं को छोड़ देते अथवा मारपीट कर भगा देते उन पशुओं को अपनी गौशाला में लाते औऱ उनके चारापानी की ब्यवस्था कर देखभाल करने लगे। आज उनके गौशाला में 80 पशु है जिनसे वो दूध दही के साथ आर्गजैनिक खेती भी कर रहे। उनका कहना है कि सरकार द्वारा उन्हें कोई मदद नही मिली फिर भी पशु सेवा से स्वरोजगार उत्पन्न कर रोजगार बढ़ा रहे साथ ही बेज़ुबान पशुओं की सेवा कर अपने को ख़ुश महसूस कर रहा हूँ। करीब दो बीघे की निजी जमीन में गौशाला का संचालन कर रहे है। स्वामी जी का कहना है कि छुट्टा पशुओं की वजह से किसानों की खेती नष्ट होती थी औऱ लोग लाठी डंडे लेकर पशुओं को मारते पीटते थे जिसको देखकर मैंने पशुओं की रक्षा के लिए कदम बढ़ाया।
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