V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

करारी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना शोपीस

मंझनपुर कौशांबी ।  करोड़ों की लगात से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महज शो पीस बनकर रह गया है। यहां न तो कोई ठीक से व्वस्यथा है न कोई संसाधन है। यहां कोई डॉक्टर भी नही बैठता है। दवा भी  सिर्फ खाना पूर्ति तक ही सीमित है। भले ही सरकार द्वारा करोड़ों की लगात से तैयार कर दिया गया हो लेकिन यहां किसी का भी इलाज नही हो पता न ही समय से कोई डा. बैठता है। इससे आए पास के लोगों को अभी भी इलाज के लिए काफी कठिनाइयां झेल रहे है । करारी में केंद्र सरकार द्वारा सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन हो चुका है। लेकिन आज तक इसमें न किसी की तैनाती की गई न कोई व्यवस्था की गई है। और तो और जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। वह भी अस्पताल नही बैठते । एक फार्माशिष्ट और स्टाफ महिला के सहारे अस्पताल को छोड़ दिया गया है। अस्पताल में चार डॉक्टर डा. महफूज आलम, डा. नीरज सिंह, डा. सदानंद शुक्ला, डा. धर्मेंद्र मिश्रा की तैनाती भी की गई है। किंतु चार डॉक्टर में से एक भी डॉक्टर अस्पताल में उपस्थित नही थे। फार्माशिष्ट नागेंद्र कुमार सिंह व एक महिला स्टाफ के भरोसे अस्पताल चल रहा है। फरमा शिस्ट नागेंद्र सिंह ने बताया कि जबसे केंद्र चालू हुआ तब से आज तक मात्र 17 ओपीडी ही हो पाई है। सरकार द्वारा कोई भी संसाधन अभी नहीं कराया गया है। इसलिए बहुत दिक्कत हो रही है। दवा का भी सही इंतजाम नहीं है। डिलेवरी जैसे केस भी नही होते । कोई संसाधन न होने की वजह से सामुदायिक करारी केंद्र महज शो पीस बनकर रह गया है।  जब केंद्र खुला था तो लोगों को बहुत आस थी कि मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। दूर नही जाना पड़ेगा पास में ही अच्छा इलाज मिल सकेगा। पर सरकार तरफ से सही इंतजाम संसाधन न होने की वजह से क्षेत्रवासी लोग काफी निराश है। अब देखना होगा कि आखिर कब तक सरकार सभी संसाधन उपलब्ध करती है। या यूंही कारोणो रुपए खर्च के बाद भी सिर्फ केंद्र शो पीस ही बना रहेगा या फिर इलाज भी होगा।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।
मंझनपुर कौशांबी ।  करोड़ों की लगात से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महज शो पीस बनकर रह गया है। यहां न तो कोई ठीक से व्वस्यथा है न कोई संसाधन है। यहां कोई डॉक्टर भी नही बैठता है। दवा भी  सिर्फ खाना पूर्ति तक ही सीमित है। भले ही सरकार द्वारा करोड़ों की लगात से तैयार कर दिया गया हो लेकिन यहां किसी का भी इलाज नही हो पता न ही समय से कोई डा. बैठता है। इससे आए पास के लोगों को अभी भी इलाज के लिए काफी कठिनाइयां झेल रहे है । करारी में केंद्र सरकार द्वारा सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन हो चुका है। लेकिन आज तक इसमें न किसी की तैनाती की गई न कोई व्यवस्था की गई है। और तो और जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। वह भी अस्पताल नही बैठते । एक फार्माशिष्ट और स्टाफ महिला के सहारे अस्पताल को छोड़ दिया गया है। अस्पताल में चार डॉक्टर डा. महफूज आलम, डा. नीरज सिंह, डा. सदानंद शुक्ला, डा. धर्मेंद्र मिश्रा की तैनाती भी की गई है। किंतु चार डॉक्टर में से एक भी डॉक्टर अस्पताल में उपस्थित नही थे। फार्माशिष्ट नागेंद्र कुमार सिंह व एक महिला स्टाफ के भरोसे अस्पताल चल रहा है। फरमा शिस्ट नागेंद्र सिंह ने बताया कि जबसे केंद्र चालू हुआ तब से आज तक मात्र 17 ओपीडी ही हो पाई है। सरकार द्वारा कोई भी संसाधन अभी नहीं कराया गया है। इसलिए बहुत दिक्कत हो रही है। दवा का भी सही इंतजाम नहीं है। डिलेवरी जैसे केस भी नही होते । कोई संसाधन न होने की वजह से सामुदायिक करारी केंद्र महज शो पीस बनकर रह गया है।  जब केंद्र खुला था तो लोगों को बहुत आस थी कि मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। दूर नही जाना पड़ेगा पास में ही अच्छा इलाज मिल सकेगा। पर सरकार तरफ से सही इंतजाम संसाधन न होने की वजह से क्षेत्रवासी लोग काफी निराश है। अब देखना होगा कि आखिर कब तक सरकार सभी संसाधन उपलब्ध करती है। या यूंही कारोणो रुपए खर्च के बाद भी सिर्फ केंद्र शो पीस ही बना रहेगा या फिर इलाज भी होगा।

Leave a Comment