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देश की एकता और अखंडता के लिए डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी ने अपना बलिदान दियाः अमरनाथ यादव

अखंड भारत के निर्माण के लिए हमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आदर्शों पर चलना होगाः डॉ. नरेंद्र सिंह गौड़
भाजपाइयों ने 1297 बूथों पर पौधारोपण कर डॉक्टर श्याम प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि
प्रयागराज। जनसंघ के संस्थापक एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम बलिदानी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर भाजपा महानगर प्रयागराज के तत्वाधान में भाजपा जिला कार्यालय सिविल लाइन में  संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा क्षेत्र उपाध्यक्ष अमरनाथ यादव  ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते श्रद्धांजलि अर्पित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम बलिदानी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हिंदुस्तान कभी नहीं भूल सकता। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए और जम्मू और कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए हुआ। उन्होंने देश के आजादी के बाद जम्मू एंड कश्मीर कि शेख अब्दुल्ला की सरकार में कश्मीर के अंदर चल रहे एक देश में दो प्रधान दो निशान दो संविधान और कश्मीर वीजा परमिट का प्रबल विरोध किया। उन्होंने नेहरू लियाकत अली दिल्ली पैक्ट के खिलाफ विरोध कर नेहरू मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के पद का इस्तीफा दे दिया। श्री यादव ने कहा कि डा. मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को जनसंघ की स्थापना किया। तत्पश्चात उन्होंने  जम्मू एंड कश्मीर में लागू किए गए धारा 370 और कश्मीरी वीजा परमिट के खिलाफ वृहद आंदोलन चलाया क्योंकि धारा 370 और कश्मीरी वीजा परमिट भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा था। भारत से कश्मीर को अलग करने की साजिश थी जिस का प्रबल विरोध करते हुए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी बिना किसी वीजा परमिट के जम्मू एंड कश्मीर की धरती पर प्रवेश किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जेल में शेख अब्दुल्ला की सरकार के द्वारा इतनी यातना दी गई कि 23 जून 1953 को उन की रहस्यमई मौत हो गई। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. नरेंद्र सिंह गौड़ ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान अखंड भारत के निर्माण के लिए हुआ था। जिनके सपनों को पूरा करने के लिए हमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आदर्शों पर चलना होगा। उन्होंने आगे कहा कि हमारी लड़ाई सिर्फ सत्ता प्राप्त करना नहीं है। हमारी लड़ाई अखंड भारत के निर्माण के लिए है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी ने कहा कि हमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के मार्गदर्शन पर दिखाए हुए मार्ग पर चलकर राष्ट्र की उन्नति के लिए कार्य करना है और भारत को अखंड राष्ट्र बनाना है। भाजपा मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस के अवसर पर प्रयागराज महानगर के 1297 बूथों पर कार्यकर्ताओं के द्वारा उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए पौधारोपण का कार्य किया गया। उन्होंने बताया कि पौधारोपण का कार्यक्रम डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती दिवस 6 जुलाई तक चलाई जाएगी। संगोष्ठी का संचालन कुंज बिहारी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर गोष्ठी मे मुख्य रूप से  एम एल सी केपी श्रीवास्तव, प्रभा शंकर पांडेय, मुरारी लाल अग्रवाल, रणजीत सिंह, शशि वार्ष्णेय,देवेश सिंह, वरुण केसरवानी, रमेश पासी, राजेश केसरवानी , विवेक अग्रवाल,गिरजेश मिश्रा राजू पाठक,आकाश गुप्ता, शैलेश पान्डे, रॉबिन साहू, अखिलेश कुशवाहा,राजेश सिंह सिंहरौर, शोभिता श्रीवास्तव, रामलोचन  साहू, सचिन जायसवाल यसवाल, मनोज कुशवाहा, राहिल हसन, आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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अखंड भारत के निर्माण के लिए हमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आदर्शों पर चलना होगाः डॉ. नरेंद्र सिंह गौड़
भाजपाइयों ने 1297 बूथों पर पौधारोपण कर डॉक्टर श्याम प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि
प्रयागराज। जनसंघ के संस्थापक एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम बलिदानी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर भाजपा महानगर प्रयागराज के तत्वाधान में भाजपा जिला कार्यालय सिविल लाइन में  संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा क्षेत्र उपाध्यक्ष अमरनाथ यादव  ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते श्रद्धांजलि अर्पित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम बलिदानी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हिंदुस्तान कभी नहीं भूल सकता। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए और जम्मू और कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए हुआ। उन्होंने देश के आजादी के बाद जम्मू एंड कश्मीर कि शेख अब्दुल्ला की सरकार में कश्मीर के अंदर चल रहे एक देश में दो प्रधान दो निशान दो संविधान और कश्मीर वीजा परमिट का प्रबल विरोध किया। उन्होंने नेहरू लियाकत अली दिल्ली पैक्ट के खिलाफ विरोध कर नेहरू मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के पद का इस्तीफा दे दिया। श्री यादव ने कहा कि डा. मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को जनसंघ की स्थापना किया। तत्पश्चात उन्होंने  जम्मू एंड कश्मीर में लागू किए गए धारा 370 और कश्मीरी वीजा परमिट के खिलाफ वृहद आंदोलन चलाया क्योंकि धारा 370 और कश्मीरी वीजा परमिट भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा था। भारत से कश्मीर को अलग करने की साजिश थी जिस का प्रबल विरोध करते हुए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी बिना किसी वीजा परमिट के जम्मू एंड कश्मीर की धरती पर प्रवेश किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जेल में शेख अब्दुल्ला की सरकार के द्वारा इतनी यातना दी गई कि 23 जून 1953 को उन की रहस्यमई मौत हो गई। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. नरेंद्र सिंह गौड़ ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान अखंड भारत के निर्माण के लिए हुआ था। जिनके सपनों को पूरा करने के लिए हमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आदर्शों पर चलना होगा। उन्होंने आगे कहा कि हमारी लड़ाई सिर्फ सत्ता प्राप्त करना नहीं है। हमारी लड़ाई अखंड भारत के निर्माण के लिए है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी ने कहा कि हमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के मार्गदर्शन पर दिखाए हुए मार्ग पर चलकर राष्ट्र की उन्नति के लिए कार्य करना है और भारत को अखंड राष्ट्र बनाना है। भाजपा मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस के अवसर पर प्रयागराज महानगर के 1297 बूथों पर कार्यकर्ताओं के द्वारा उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए पौधारोपण का कार्य किया गया। उन्होंने बताया कि पौधारोपण का कार्यक्रम डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती दिवस 6 जुलाई तक चलाई जाएगी। संगोष्ठी का संचालन कुंज बिहारी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर गोष्ठी मे मुख्य रूप से  एम एल सी केपी श्रीवास्तव, प्रभा शंकर पांडेय, मुरारी लाल अग्रवाल, रणजीत सिंह, शशि वार्ष्णेय,देवेश सिंह, वरुण केसरवानी, रमेश पासी, राजेश केसरवानी , विवेक अग्रवाल,गिरजेश मिश्रा राजू पाठक,आकाश गुप्ता, शैलेश पान्डे, रॉबिन साहू, अखिलेश कुशवाहा,राजेश सिंह सिंहरौर, शोभिता श्रीवास्तव, रामलोचन  साहू, सचिन जायसवाल यसवाल, मनोज कुशवाहा, राहिल हसन, आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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