सरकार के तय नियम चाका ब्लॉक में बेअसर, विकास में बाधक बने मठाधीश कर्मचारी
लोकमित्र ब्यूरो
मेजा (प्रयागराज)। ब्लॉक महकमे एक ही जगह वर्षों से डेरा जमाए कुछ कर्मचारी मठाधीश बन गए हैं। यह खेल पंचायत विभाग में जुगाड़ के सहारे चल रहा है। विकास खण्ड चाका में सचिव पद पर कई यैसे चेहरे हैं जो वर्षों से यहां काबिज हैं। इनका तबादला जरूर किया लेकिन इन पर मेहरबान जिम्मेदार अधिकारियों ने नियमों को शिथिल कर उनकी बार बार वापसी की गई है। ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी की तैनाती को लेकर प्रदेश सरकार के शासनादेश पर गौर करें तो एक जनपद में पांच वर्ष से अधिक नहीं रह सकते। किसी भी सचिव के लिए किसी एक ग्राम पंचायत में रहने के लिए तीन वर्ष की अवधि तय की गई है। जनपद के चाका ब्लॉक में कई सचिव वर्षों से कुंडली मारकर बैठे हैं। ब्लॉक सूत्रों से मिली जानकारी पर गौर करें तो यहाँ नियुक्त रोहित भारती की तैनाती पहली बार वर्ष 2008 में हुई है। लगभग 14 वर्ष के कार्यकाल में इनका तीन बार तबादला भी किया गया है, लेकिन विभागीय जुगाड़ से यह घूम फिर कर चाका ब्लॉक में ही डटे हैं। सुश्री फरह मसूद भी पांच वर्ष का समय इसी ब्लॉक में बिता चुकी हैं।वर्ष 2013 से रवि शंकर सिंह भी यहीं डेरा जमाए हैं।कहने को तो इनका भी स्थानांतरण किया गया है। विकास कुमार भी यहां तय समय बिता चुके हैं। चाका ब्लॉक में महंथ बन चुके उक्त सचिवों पर विभाग मेहरबान है। ब्लॉक महकमे से जुड़े अधिकारी ने बताया कि एक ब्लॉक में पांच वर्ष बिता चुके कर्मचारियों को मण्डल के अन्य जनपदों में भेजा जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि बुधवार को विकास भवन में पंचायत विभाग के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्षों से कब्जा जमाए कर्मचारियों को ब्लॉक या जनपद के बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। चाका ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने पिछले सत्र में इस सम्बंध में जिला पंचायत राज अधिकारी को रिपोर्ट की थी लेकिन उनका यह प्रयास फाइल में दब कर रह गया। महंथ बन चुके इन कर्मचारियों पर आखिर कब चाबुक चलेगा। ऐसे कर्मचारियों की वजह से पंचायत का विकास भी प्रभावित हो रहा है।



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