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बिना पानी, कुटाई, रोलर के ही बन जा रही सड़क

मानक दरकिनार करने से लोगों में फैल रहा है आक्रोश
कुंडा। सिंचाई विभाग से बन रही तीन किमी की सड़क में मानकों को दरकिनार कर दिया गया है। न तो गिट्टी की कुटाई हुई और न ही पानी डाला गया। सिर्फ गिट्टी बिछाकर उस पर जीरा डालकर सड़क बना दी जा रही है। हालात यह है कि सड़क को रोलर से दबाया भी नहीं जा रहा है। विकास खंड कुंडा के डीहा गांव से हथिगवां गैस एजेंसी तक तीन किमी की सड़क नहर की पटरी पर बन रही है। इस पर ठेकेदार ने गिट्टी तो गिरवाई लेकिन न तो उस पर पानी डाला गया और न ही उसकी कुटाई कराई गई। सिर्फ गिट्टी केा फैला दिया गया। इसके बाद उस पर सीधे जीरा और डामर मिलकर डाल दिया गया। इसे मजदूरों के माध्यम से बराबर करवा दिया गया। हालत यह है कि इस पर रोलर भी नहीं चलाया जा रहा है। ऐसे में यह गिट्टियों के बीच फंसी रह जाएगी। बरसात होते ही यह बहकर खेतों में चली जाएगी। मंगलवार को ठेकेदार का काम देख ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि ऐसी ही सड़क बनानी है तो ऐसी सड़क बनने से बेहतर है कि न बने। ग्रामीणों ने अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए इस सड़क को मानक के अनुसार बनावाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि यदि यह सड़क मानक के अनुसार नहीं बनती तो इस सड़क का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।

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मानक दरकिनार करने से लोगों में फैल रहा है आक्रोश
कुंडा। सिंचाई विभाग से बन रही तीन किमी की सड़क में मानकों को दरकिनार कर दिया गया है। न तो गिट्टी की कुटाई हुई और न ही पानी डाला गया। सिर्फ गिट्टी बिछाकर उस पर जीरा डालकर सड़क बना दी जा रही है। हालात यह है कि सड़क को रोलर से दबाया भी नहीं जा रहा है। विकास खंड कुंडा के डीहा गांव से हथिगवां गैस एजेंसी तक तीन किमी की सड़क नहर की पटरी पर बन रही है। इस पर ठेकेदार ने गिट्टी तो गिरवाई लेकिन न तो उस पर पानी डाला गया और न ही उसकी कुटाई कराई गई। सिर्फ गिट्टी केा फैला दिया गया। इसके बाद उस पर सीधे जीरा और डामर मिलकर डाल दिया गया। इसे मजदूरों के माध्यम से बराबर करवा दिया गया। हालत यह है कि इस पर रोलर भी नहीं चलाया जा रहा है। ऐसे में यह गिट्टियों के बीच फंसी रह जाएगी। बरसात होते ही यह बहकर खेतों में चली जाएगी। मंगलवार को ठेकेदार का काम देख ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि ऐसी ही सड़क बनानी है तो ऐसी सड़क बनने से बेहतर है कि न बने। ग्रामीणों ने अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए इस सड़क को मानक के अनुसार बनावाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि यदि यह सड़क मानक के अनुसार नहीं बनती तो इस सड़क का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।

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