V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

वेतन मिलने से परेशान हैं डफरिन अस्पताल के कर्मचारी

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने उपश्रमायुक्त को मांगपत्र देकर लगाई न्याय की गुहार
लोकमित्र ब्यूरो
प्रयागराज। जिला महिला चिकित्सालय (डफरिन ) के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समय से वेतन नहीं मिल रहा है। इससे उनके सामने आर्थिक दिक्कत खड़ी हो गई है। कर्मचारियों ने उप श्रमायुक्त को मांगपत्र देकर समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि जीत सिक्योरिटी एंड एचआर सर्विसेज नामक संस्था के जेम पोर्टल के माध्यम से उक्त अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में वे लोग कार्यरत हैं। मगर उन लोगों को न तो समय से वेतन दिया जाता है और न ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। वे लोग लगभग दो साल से कार्यरत हैं, मगर कभी समय से वेतन नहीं मिला। पे-स्लिप भी कभी नहीं दी गई। उनका न तो पीएफ कटता है और न परिवार की  सुरक्षा के लिए शासन से चल रही ईएसआई जैसी सुविधा ही प्रदान की जा रही है। इसी संस्था की ओर से जनपद के अन्य चिकित्सालयों में कार्यरत कर्मचारियों को कोविड के दौरान ड्यूटी करने पर अलग से भत्ता दिया गया, मगर इन लोगों वह भी नहीं मिला। कर्मचारियों का आरोप है कि इस बारे में जब यह लोग संस्था के डायरेक्टर बात करते हैं तो वह नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। कर्मचारियों ने उपश्रमायुक्त को सौंपे मांगपत्र में न्याय दिलाने की मांग की है।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने उपश्रमायुक्त को मांगपत्र देकर लगाई न्याय की गुहार
लोकमित्र ब्यूरो
प्रयागराज। जिला महिला चिकित्सालय (डफरिन ) के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समय से वेतन नहीं मिल रहा है। इससे उनके सामने आर्थिक दिक्कत खड़ी हो गई है। कर्मचारियों ने उप श्रमायुक्त को मांगपत्र देकर समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि जीत सिक्योरिटी एंड एचआर सर्विसेज नामक संस्था के जेम पोर्टल के माध्यम से उक्त अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में वे लोग कार्यरत हैं। मगर उन लोगों को न तो समय से वेतन दिया जाता है और न ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। वे लोग लगभग दो साल से कार्यरत हैं, मगर कभी समय से वेतन नहीं मिला। पे-स्लिप भी कभी नहीं दी गई। उनका न तो पीएफ कटता है और न परिवार की  सुरक्षा के लिए शासन से चल रही ईएसआई जैसी सुविधा ही प्रदान की जा रही है। इसी संस्था की ओर से जनपद के अन्य चिकित्सालयों में कार्यरत कर्मचारियों को कोविड के दौरान ड्यूटी करने पर अलग से भत्ता दिया गया, मगर इन लोगों वह भी नहीं मिला। कर्मचारियों का आरोप है कि इस बारे में जब यह लोग संस्था के डायरेक्टर बात करते हैं तो वह नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। कर्मचारियों ने उपश्रमायुक्त को सौंपे मांगपत्र में न्याय दिलाने की मांग की है।

Leave a Comment