भांग की दुकान पर बिक रहा था गांजा
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। नगर कोतवाली अंतर्गत गांव खजोहरी स्थित नहर पर स्थित भांग की दुकान पर चोरी छिपे गांजा बेचा जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर स्वाट टीम ने छापेमारी करके अवैध रूप से गांजा बेच रहे एक युवक को गांजा समेत दबोच लिया। साथ ही पकड़े गए गांजा तस्कर को सिटी चैकी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस द्वारा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
खजोहरी गांव में सरकारी भांग की दुकान अवैध सिंह के नाम से है। दुकान में भांग की जगह धड़ल्ले के साथ गांजा भी बेचा जा रहा था। आज सुबह मुखबिर खास की सूचना पर स्वाट टीम मौके पर पहुंची। साथ ही छापेमारी करके खजोहरी में स्थित नहर के पुल के पास सरकारी भांग की दुकान के संचालक को पकड़ लिया। उसके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। स्थानीय लोगो की माने तो उक्त दुकान पर कई वर्षो से गांजे की बिक्री पुलिस की मिली भगत से हो रही थी। जबकि नहर पर ही पुलिस की पिकेट रहती है। जिसका सम्पर्क दुकान संचालक से है। साथ ही डायल 112 की गाड़ी भांग की दुकान के पास ही खड़ी रहती है। स्वाट टीम ने पकड़े गए गांजा विक्रेता को ििसटी चैकी पुलिस को सौप दिया। सिटी चैकी इंचार्ज गिरीश से सम्पर्क करने पर उनका मोबाइल बंद रहा।
भांग की दुकान पर बिक रहा था गांजा
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। नगर कोतवाली अंतर्गत गांव खजोहरी स्थित नहर पर स्थित भांग की दुकान पर चोरी छिपे गांजा बेचा जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर स्वाट टीम ने छापेमारी करके अवैध रूप से गांजा बेच रहे एक युवक को गांजा समेत दबोच लिया। साथ ही पकड़े गए गांजा तस्कर को सिटी चैकी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस द्वारा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
खजोहरी गांव में सरकारी भांग की दुकान अवैध सिंह के नाम से है। दुकान में भांग की जगह धड़ल्ले के साथ गांजा भी बेचा जा रहा था। आज सुबह मुखबिर खास की सूचना पर स्वाट टीम मौके पर पहुंची। साथ ही छापेमारी करके खजोहरी में स्थित नहर के पुल के पास सरकारी भांग की दुकान के संचालक को पकड़ लिया। उसके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। स्थानीय लोगो की माने तो उक्त दुकान पर कई वर्षो से गांजे की बिक्री पुलिस की मिली भगत से हो रही थी। जबकि नहर पर ही पुलिस की पिकेट रहती है। जिसका सम्पर्क दुकान संचालक से है। साथ ही डायल 112 की गाड़ी भांग की दुकान के पास ही खड़ी रहती है। स्वाट टीम ने पकड़े गए गांजा विक्रेता को ििसटी चैकी पुलिस को सौप दिया। सिटी चैकी इंचार्ज गिरीश से सम्पर्क करने पर उनका मोबाइल बंद रहा।



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