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शरीर बदलता है आत्मा नहीं बदलती है:– ज्ञान प्रकाश जी महराज

प्रतापगढ़ । कुशहा श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह की कथा मुख्य यजमान पंडित अमृतलाल पांडे एवं शिव कुमारी पांडे जी को श्रवण कराते हुए कथा व्यास परम श्री वैष्णव पंडित ज्ञान प्रकाश जी महाराज बड़े भक्तमाल गौ सेवा ट्रस्ट श्रीधाम अयोध्या ने कहा कि  संसार में समस्त जीव भगवान को प्रिय हैं। दत्तात्रेय जी ने अपने जीवन में 24 गुरु बनाया जिसमें पृथ्वी वायु आकाश जल अग्नि सहित चंद्रमा कबूतर अजगर भंवरा मधुमक्खी और अंत में वेश्या को भी गुरु बनाया। समस्त से कुछ न कुछ ज्ञान प्राप्त किया। अंतिम गुरु अपने शरीर को बनाया शरीर हमें यह ज्ञान देता है कि 5 मिनट पहले मैं जैसा था अब वैसा नहीं हूं अभी जैसा हूं वैसा 2 मिनट बाद नहीं रहूंगा, क्योंकि मैं आत्मा हूं शरीर बदलता है आत्मा बदलने वाली नहीं है।
 इस अवसर पर धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि बहने वालों में जैसे गंगा श्रेष्ठ हैं देवताओं में अच्युत कृष्ण श्रेष्ठ हैं वैष्णवों में शंकर श्रेष्ठ है वैसे पुराणों में श्रीमद्भागवत सबसे श्रेष्ठ है। क्षेत्रों में काशी श्रेष्ठ है वैसे पुराणों में भागवत सर्वोत्तम है। इसमें भक्ति ज्ञान वैराग्य की त्रिवेणी बहती है। ऐसी भागवत रूपी त्रिवेणी में जो अवगाहन करते हैं उसे गोविंद मिल जाते हैं।     कार्यक्रम में मुख्य रूप से संतोष दुबे पूर्व सभासद डॉक्टर नरेंद्र तिवारी दीपक पांडे एडवोकेट सूरज पांडे नीरज पांडे धीरज पांडे सदानंद जी महाराज सदाशिव पांडे एडवोकेट गंगाधर पांडे सरयू प्रसाद पांडे दुर्गेश पांडे आचार्य जी शिवानंद पांडे सतीश पांडे हरीश पांडे आशुतोष तिवारी संतोष पांडे इंजीनियर चंडिकेश अमन ओम अंशु हर्षित सहित क्षेत्र के हजारों लोग उपस्थित होकर श्रीमद् भागवत कथा का रसपान किया।

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प्रतापगढ़ । कुशहा श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह की कथा मुख्य यजमान पंडित अमृतलाल पांडे एवं शिव कुमारी पांडे जी को श्रवण कराते हुए कथा व्यास परम श्री वैष्णव पंडित ज्ञान प्रकाश जी महाराज बड़े भक्तमाल गौ सेवा ट्रस्ट श्रीधाम अयोध्या ने कहा कि  संसार में समस्त जीव भगवान को प्रिय हैं। दत्तात्रेय जी ने अपने जीवन में 24 गुरु बनाया जिसमें पृथ्वी वायु आकाश जल अग्नि सहित चंद्रमा कबूतर अजगर भंवरा मधुमक्खी और अंत में वेश्या को भी गुरु बनाया। समस्त से कुछ न कुछ ज्ञान प्राप्त किया। अंतिम गुरु अपने शरीर को बनाया शरीर हमें यह ज्ञान देता है कि 5 मिनट पहले मैं जैसा था अब वैसा नहीं हूं अभी जैसा हूं वैसा 2 मिनट बाद नहीं रहूंगा, क्योंकि मैं आत्मा हूं शरीर बदलता है आत्मा बदलने वाली नहीं है।
 इस अवसर पर धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि बहने वालों में जैसे गंगा श्रेष्ठ हैं देवताओं में अच्युत कृष्ण श्रेष्ठ हैं वैष्णवों में शंकर श्रेष्ठ है वैसे पुराणों में श्रीमद्भागवत सबसे श्रेष्ठ है। क्षेत्रों में काशी श्रेष्ठ है वैसे पुराणों में भागवत सर्वोत्तम है। इसमें भक्ति ज्ञान वैराग्य की त्रिवेणी बहती है। ऐसी भागवत रूपी त्रिवेणी में जो अवगाहन करते हैं उसे गोविंद मिल जाते हैं।     कार्यक्रम में मुख्य रूप से संतोष दुबे पूर्व सभासद डॉक्टर नरेंद्र तिवारी दीपक पांडे एडवोकेट सूरज पांडे नीरज पांडे धीरज पांडे सदानंद जी महाराज सदाशिव पांडे एडवोकेट गंगाधर पांडे सरयू प्रसाद पांडे दुर्गेश पांडे आचार्य जी शिवानंद पांडे सतीश पांडे हरीश पांडे आशुतोष तिवारी संतोष पांडे इंजीनियर चंडिकेश अमन ओम अंशु हर्षित सहित क्षेत्र के हजारों लोग उपस्थित होकर श्रीमद् भागवत कथा का रसपान किया।

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