इसौली/सुलतानपुर। विधानसभा चुनाव 2022 आश्चर्यजनक परिणाम देने वाला साबित होता दिख रहा है। बात अगर इसौली की करें तो अधिसूचना से ही चर्चा में आ गई थी ये विधानसभा। इस विधानसभा में सबसे पहले बसपा ने अपना प्रत्याशी उतारा तो वही इस विधानसभा चुनाव के सबसे बड़े दावेदार दल सपा में तमाम अटकले लगती रही मगर सबसे भाग्यशाली रहे जिले के जमीदार खानदान के वारिस और लोकप्रिय नेता ताहिर खान पर अखिलेश यादव ने सपा की हैट्रिक लगाने की विश्वसनीय जिम्मेदारी दी तो कमोबेश आज ताहिर खान जो निर्विवाद नेता हैं। उन्होंने तमाम रूठो को मनाया और आज सपा के सूत्र के मजबूत वोट बैंक पर खरे साबित हो रहे हैं। यहां तक की यह ऐसे प्रत्याशी हैं जो सभी जातियों में घुसपैठ करने में माहिर हैं। पूर्व में भी अपने संसदीय कार्यकाल में ब्राह्मणों का अच्छा समर्थन इन्हें मिला था। और जीत मिली थी। कमोबेश आज भी इसौली का ब्राम्हण, दलित, जिसमें कोरी बिरादरी व अति पिछड़ा वर्ग खासकर तराई का निषाद वोट आज भी ताहिर खान को जिताने में जुटा है। उसका कारण इनके वल्लीपुर, पांचोपीरन में इन्होंने सैकड़ों निषाद परिवार का अपनी जमीन पर गांव तक बसा रखा है। जो आज भी इनकी छत्रछाया में रहता है। जो इसौली में इनकी जीत की रेखा पक्की करने में जुटा है। जिस प्रकार नन्दौली, गोविंदपुर , गंनापुर, नटोली, पारा, पटैला आदि दर्जन भर गांवो में जनसंपर्क किया जहां इन्हें भरपूर समर्थन मिला जिसमें सपा का ग्राफ़ दिन प्रतिदिन जीत की ओर बढ़ता दिख रहा है।
इसौली/सुलतानपुर। विधानसभा चुनाव 2022 आश्चर्यजनक परिणाम देने वाला साबित होता दिख रहा है। बात अगर इसौली की करें तो अधिसूचना से ही चर्चा में आ गई थी ये विधानसभा। इस विधानसभा में सबसे पहले बसपा ने अपना प्रत्याशी उतारा तो वही इस विधानसभा चुनाव के सबसे बड़े दावेदार दल सपा में तमाम अटकले लगती रही मगर सबसे भाग्यशाली रहे जिले के जमीदार खानदान के वारिस और लोकप्रिय नेता ताहिर खान पर अखिलेश यादव ने सपा की हैट्रिक लगाने की विश्वसनीय जिम्मेदारी दी तो कमोबेश आज ताहिर खान जो निर्विवाद नेता हैं। उन्होंने तमाम रूठो को मनाया और आज सपा के सूत्र के मजबूत वोट बैंक पर खरे साबित हो रहे हैं। यहां तक की यह ऐसे प्रत्याशी हैं जो सभी जातियों में घुसपैठ करने में माहिर हैं। पूर्व में भी अपने संसदीय कार्यकाल में ब्राह्मणों का अच्छा समर्थन इन्हें मिला था। और जीत मिली थी। कमोबेश आज भी इसौली का ब्राम्हण, दलित, जिसमें कोरी बिरादरी व अति पिछड़ा वर्ग खासकर तराई का निषाद वोट आज भी ताहिर खान को जिताने में जुटा है। उसका कारण इनके वल्लीपुर, पांचोपीरन में इन्होंने सैकड़ों निषाद परिवार का अपनी जमीन पर गांव तक बसा रखा है। जो आज भी इनकी छत्रछाया में रहता है। जो इसौली में इनकी जीत की रेखा पक्की करने में जुटा है। जिस प्रकार नन्दौली, गोविंदपुर , गंनापुर, नटोली, पारा, पटैला आदि दर्जन भर गांवो में जनसंपर्क किया जहां इन्हें भरपूर समर्थन मिला जिसमें सपा का ग्राफ़ दिन प्रतिदिन जीत की ओर बढ़ता दिख रहा है।



उत्तरप्रदेश








शेयर करें













































































