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कई छोटेदलों ने भी झोंक रखी है ताकत, रोचक बन रहा चायल का चुनाव

 कौशाम्बी। अल्पसंख्यक पटेल व यादव ज्यादातर हमेशा सपा के साथ ही खड़ा नजर आया है। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा व अपनादल (एस) के गठबंधन ने पटेल मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए चायल सीट से नागेंद्र सिंह पटेल को मैदान में उतारा है। लेकिन पटेल मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए सपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। राजनीतिज्ञ जानकारों की मानें तो कहा जा रहा है कि यदि पटेल मतदाताओं में सपा की सेंधमारी हुई तो भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन सहित दूसरे उम्मीदवारों की मुश्किलें में बढ़ सकती हैं।  यहां बताना जरूरी होगा कि चायल सीट से समाजवादी पार्टी ने प्रयागराज की शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से बसपा की दो बार विधायक रहीं पूजा पाल को उम्मीदवार बनाया है। तो भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन के खाते में गई इस सीट पर अपना दल ने फूलपुर से सांसद रहे नागेंद्र सिंह पटेल को प्रत्याशी घोषित किया है। उधर बसपा ने तीन माह पहले ही इस सीट पर अतुल द्विवेदी के नाम की घोषणा कर दिया था। वहीं कांग्रेस ने पूर्व जिलाध्यक्ष तलत अजीम को उम्मीदवार बनाकर अल्पसंख्यक कार्ड खेला है। ऐसे में इस सीट का चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। राजनीतिज्ञ पंडितों की मानें तो यादव, अल्पसंख्यक के अलावा पटेल बिरादरी ज्यादातर सपा के साथ ही हमेशा खडा दिखाई दिया है। इन बिरादरी के लोगों को संजोने के लिए सपा ने पूरी ताकत झोंक रखी है। हालांकि भाजपा-अपना दल (एस) के गठबंधन प्रत्याशी नागेंद्र सिंह भी पटेल बिरादरी को अपने पाले में करने की जुगत में जुटे है। अब चायल का पटेल बिरादरी किस दल के पाले में जाएगा, यह तो भविष्य के गर्त में है। लेकिन यदि इस बिरादरी को अपने पाले में करने के लिए सपा कामयाब होती है तो गठबंधन की मुश्किले में बढ सकती हैं।

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 कौशाम्बी। अल्पसंख्यक पटेल व यादव ज्यादातर हमेशा सपा के साथ ही खड़ा नजर आया है। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा व अपनादल (एस) के गठबंधन ने पटेल मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए चायल सीट से नागेंद्र सिंह पटेल को मैदान में उतारा है। लेकिन पटेल मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए सपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। राजनीतिज्ञ जानकारों की मानें तो कहा जा रहा है कि यदि पटेल मतदाताओं में सपा की सेंधमारी हुई तो भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन सहित दूसरे उम्मीदवारों की मुश्किलें में बढ़ सकती हैं।  यहां बताना जरूरी होगा कि चायल सीट से समाजवादी पार्टी ने प्रयागराज की शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से बसपा की दो बार विधायक रहीं पूजा पाल को उम्मीदवार बनाया है। तो भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन के खाते में गई इस सीट पर अपना दल ने फूलपुर से सांसद रहे नागेंद्र सिंह पटेल को प्रत्याशी घोषित किया है। उधर बसपा ने तीन माह पहले ही इस सीट पर अतुल द्विवेदी के नाम की घोषणा कर दिया था। वहीं कांग्रेस ने पूर्व जिलाध्यक्ष तलत अजीम को उम्मीदवार बनाकर अल्पसंख्यक कार्ड खेला है। ऐसे में इस सीट का चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। राजनीतिज्ञ पंडितों की मानें तो यादव, अल्पसंख्यक के अलावा पटेल बिरादरी ज्यादातर सपा के साथ ही हमेशा खडा दिखाई दिया है। इन बिरादरी के लोगों को संजोने के लिए सपा ने पूरी ताकत झोंक रखी है। हालांकि भाजपा-अपना दल (एस) के गठबंधन प्रत्याशी नागेंद्र सिंह भी पटेल बिरादरी को अपने पाले में करने की जुगत में जुटे है। अब चायल का पटेल बिरादरी किस दल के पाले में जाएगा, यह तो भविष्य के गर्त में है। लेकिन यदि इस बिरादरी को अपने पाले में करने के लिए सपा कामयाब होती है तो गठबंधन की मुश्किले में बढ सकती हैं।

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