बल्दीराय/सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मिंयों के चलते सर्दियों में भी गर्मी का एहसास कराती नजर आ रही है। खासकर जब एक प्रत्याशी की रणनीति सफल होते दिखती है, तो दूसरे उम्मीदवारों के खेमों में बेचैनी साफ झलकने लगती है, वैसे तो जिले में पांच विधानसभाएं है, परंतु इसौली विधानसभा टिकट वितरण से पूर्व काफी खींचतान वाली विधानसभा रही है। जिसमें सपा और भाजपा में दोनों पार्टियों से प्रत्याशी घोषित किये जाने में काफी विलंब देखने को मिला, बहरहाल अंतिम समय में सपा से ताहिर खान पूर्व सांसद व बीते विधानसभा चुनाव में मामूली अंतर से शिकस्त पाने वाले ओम प्रकाश बजरंगी को भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशी बनाकर इसौली विधानसभा जीतने की जिम्मेदारी देते हुए मतदाताओं के बीच भेजा है। भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश बजरंगी हार का बदला जीतकर विधानसभा तक का सफर तय करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी के साथ इसौली विधानसभा क्षेत्र में रातदिन एक किये हुए हैं, तो सपा प्रत्याशी मो.ताहिर खान साइकिल को रफ्तार देने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे हैं। जबकि बसपा ने पहले ही राजनीतिक घराने से धनपतगंज ब्लाक प्रमुख यशभद्र सिंह,“मोनू“ को प्रत्याशी घोषित कर दिया था, जिसके चलते इसौली विधानसभा में लडाई काफी दिलचस्प होती जा रही है। वही भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश बजरंगी का टिकट देर से फाइनल होने के बाद भी कुछ खास फर्क पड़ने वाला नही रहा, क्योंकि 2017 में हार का स्वाद चखने वाले भाजपा प्रत्याशी ने इसौली विधानसभा क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बना लिया था, क्षेत्र में हमेशा बने रहे, लोगों के सुख-दुख में शामिल रहना तथा विकास से संबंधित योजनाएं विधानसभा में उतारने का प्रयास और सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहित योजनाएं का क्षेत्रीय लोगों को लाभ दिलाना भाजपा प्रत्याशी को लाभ दिला सकता है, यही वजह रही की भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश बजरंगी को क्षेत्र के लोगों का साथ मिल रहा है, दूसरी तरफ भाजपा नेता द्वारा विधानसभा क्षेत्र में डोर-टू-डोर संपर्क से भी माहौल में गुलाबी गरमाहट आ गई है, देखना अभी बाकी है की ऊँट किस कर्वट बैठता है। लेकिन इसौली विधानसभा में लडाई काफी दिलचस्प होने वाली है।
बल्दीराय/सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मिंयों के चलते सर्दियों में भी गर्मी का एहसास कराती नजर आ रही है। खासकर जब एक प्रत्याशी की रणनीति सफल होते दिखती है, तो दूसरे उम्मीदवारों के खेमों में बेचैनी साफ झलकने लगती है, वैसे तो जिले में पांच विधानसभाएं है, परंतु इसौली विधानसभा टिकट वितरण से पूर्व काफी खींचतान वाली विधानसभा रही है। जिसमें सपा और भाजपा में दोनों पार्टियों से प्रत्याशी घोषित किये जाने में काफी विलंब देखने को मिला, बहरहाल अंतिम समय में सपा से ताहिर खान पूर्व सांसद व बीते विधानसभा चुनाव में मामूली अंतर से शिकस्त पाने वाले ओम प्रकाश बजरंगी को भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशी बनाकर इसौली विधानसभा जीतने की जिम्मेदारी देते हुए मतदाताओं के बीच भेजा है। भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश बजरंगी हार का बदला जीतकर विधानसभा तक का सफर तय करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी के साथ इसौली विधानसभा क्षेत्र में रातदिन एक किये हुए हैं, तो सपा प्रत्याशी मो.ताहिर खान साइकिल को रफ्तार देने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे हैं। जबकि बसपा ने पहले ही राजनीतिक घराने से धनपतगंज ब्लाक प्रमुख यशभद्र सिंह,“मोनू“ को प्रत्याशी घोषित कर दिया था, जिसके चलते इसौली विधानसभा में लडाई काफी दिलचस्प होती जा रही है। वही भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश बजरंगी का टिकट देर से फाइनल होने के बाद भी कुछ खास फर्क पड़ने वाला नही रहा, क्योंकि 2017 में हार का स्वाद चखने वाले भाजपा प्रत्याशी ने इसौली विधानसभा क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बना लिया था, क्षेत्र में हमेशा बने रहे, लोगों के सुख-दुख में शामिल रहना तथा विकास से संबंधित योजनाएं विधानसभा में उतारने का प्रयास और सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहित योजनाएं का क्षेत्रीय लोगों को लाभ दिलाना भाजपा प्रत्याशी को लाभ दिला सकता है, यही वजह रही की भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश बजरंगी को क्षेत्र के लोगों का साथ मिल रहा है, दूसरी तरफ भाजपा नेता द्वारा विधानसभा क्षेत्र में डोर-टू-डोर संपर्क से भी माहौल में गुलाबी गरमाहट आ गई है, देखना अभी बाकी है की ऊँट किस कर्वट बैठता है। लेकिन इसौली विधानसभा में लडाई काफी दिलचस्प होने वाली है।



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