ऊंचाहार रायबरेली। जहां कोरोना महामारी के दौर में आक्सीजन की कमी न होने पाए जिसको लेकर वन विभाग ने स्वच्छ हवा के लिए नई तकनीक अपनाया है जिसमें पुराने उखाड़े जा रहे पेड़ों के जड़ों को लगाकर हरियाली की जुगत भी विभाग बना रहा है। बताते चले कि फोरलेन को लेकर चल रहे लखनऊ से प्रयागराज मार्ग पर मार्ग की पटरी के किनारे मार्ग को अवरोध उत्पन्न करने वाले आम,महुआ,शीशम आदि समेत कई वृक्षों को इन दिनो उखाड़ने का कार्य वन विभाग की टीम की निगरानी में चल रहा है जिसको लेकर पेड़ों का ऊपरी हिस्सा को बोटो में तब्दील करके विभागीय लिखापढ़ी के साथ एकत्र किया जा रहा है जबकि उसमें के जड़ो को उखाड़ने के बाद चड़रई से खरौली मार्ग की पटरी किनारे ट्रांसप्लांट करके जल्द मार्ग पटरी पर हरियाली दिखने की जुगत बनाया जा रहा है विभाग की ये पहल चर्चा में है वन विभाग के ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत तैनात वन दरोगा दिनेशचन्द्र गुप्ता की माने तो राजस्थान के साथ साथ राजधानी लखनऊ में पुराने वृक्षों के जड़ लगाने पर जल्द हरियाली आ गई थी उसी के तहत ये प्रक्रिया जारी है।
ऊंचाहार रायबरेली। जहां कोरोना महामारी के दौर में आक्सीजन की कमी न होने पाए जिसको लेकर वन विभाग ने स्वच्छ हवा के लिए नई तकनीक अपनाया है जिसमें पुराने उखाड़े जा रहे पेड़ों के जड़ों को लगाकर हरियाली की जुगत भी विभाग बना रहा है। बताते चले कि फोरलेन को लेकर चल रहे लखनऊ से प्रयागराज मार्ग पर मार्ग की पटरी के किनारे मार्ग को अवरोध उत्पन्न करने वाले आम,महुआ,शीशम आदि समेत कई वृक्षों को इन दिनो उखाड़ने का कार्य वन विभाग की टीम की निगरानी में चल रहा है जिसको लेकर पेड़ों का ऊपरी हिस्सा को बोटो में तब्दील करके विभागीय लिखापढ़ी के साथ एकत्र किया जा रहा है जबकि उसमें के जड़ो को उखाड़ने के बाद चड़रई से खरौली मार्ग की पटरी किनारे ट्रांसप्लांट करके जल्द मार्ग पटरी पर हरियाली दिखने की जुगत बनाया जा रहा है विभाग की ये पहल चर्चा में है वन विभाग के ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत तैनात वन दरोगा दिनेशचन्द्र गुप्ता की माने तो राजस्थान के साथ साथ राजधानी लखनऊ में पुराने वृक्षों के जड़ लगाने पर जल्द हरियाली आ गई थी उसी के तहत ये प्रक्रिया जारी है।



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