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बसपा को छोड अन्य दलो ने नही खोले प्रत्यासियो के पत्ते

भाजपा,सपा,काग्रेस व अन्य दलो के संभावित प्रत्यासी गिना रहे उपलब्धिया बसपा की तरफ बढ़ रहा जनता का रुझान
कौशाम्बी।  चुनाव आयोग ने  आगामी विधानसभा चुनाव  को लेकर भले ही तिथि की कोई घोषणा नही की है,परन्तु राजनीतिक दलो में केवल बसपा ही ऐसी पार्टी है जिसने जिले की  तीनों विधान सभा  से अपने प्रत्यासी उतार दिये है। जबकि सपा,कांग्रेस भाजपा में अभी प्रत्यासियो के चयन को लेकर गहन मंथन किया जा रहा है। जिले की तीन विधान सभा है,जिसमें विधान सभा 251 सिराथू व विधान सभा 253 चायल सामान्य सीट है। जबकि विधान सभा 252 मंझनपुर एससी कोटे के लिये आरक्षित है। वही बसपा ने सबसे पहले जिले की तीनो सीटो पर अपने प्रत्यासी घोषित कर दिया है। जिसमें बसपा ने सिराथू व चायल से ब्राम्हण चेहरो को वरीयता दिया है। जबकि मंझनपुर से एक नामचीन चिकित्सक की डा0 पत्नी को मैदान में महीनो पहले से उतार चुकी है। जबकि भाजपा,सपा,काग्रेंस सहित अन्य दलो में सभी विधान सभाओ में टिकट के कई-कई दावेदार होने से इन राजनीतिक दलो के केन्द्रीय नेतत्व अभी संभावित उम्मीदवार का फीडबैक जुटाने के साथ ही क्षेत्र का जातीय समीकरण भी जुटा रही है। लोगो की माने तो भाजपा सिराथू व चायल से सामान्य वर्ग के प्रत्यासी को वरीयता न देकर जातीय आधार पर प्रत्यासी उतारने के मूड में है। जबकि मंझनपुर से भी वर्तमान विधायक सहित अन्य संभावित प्रत्यासी की तलाश में जुटी है। वही सपा भी इस बार कोई चूक करने के मूड में नही है,उसके पास भी सिराथू,चायल में प्रत्यासियो की लम्बी सूची होने की वजह से वह भी फूक-फूक कर कदम उठाने के मूड में नजर आ रही है। जबकि जिले में अभी काग्रेंस अपने वजूद को बचाने के लिये मेहनत कर रही है,लेकिन काग्रेस में भी तीनो विधान सभाओ से प्रत्यासियो की लम्बी सूची है। फिलहाल बसपा ने अपना पत्ता खोलकर एक बार फिर से साबित कर दिया है कि उसके पुराने गढ में उसे 2012 व 2017 में मिली हार को जीत में बदलने के लिये सिराथू व चायल में सामान्य सीटो पर ब्राम्हण चेहरो को उतार कर सभी दलो यह एहसास करा दिया है कि सामान्य सीट पर उच्च जातियो को ही टिकट का हकदार माना जाय। वही सिराथू व चायल के सामान्य मतदाताओ का यह भी कहना है कि राजनीतिक दल हमेशा से यही करते आ रहे कि सामान्य सीटो पर भी आरक्षित वर्ग के लोगो को चुनाव मैदान में उतार देते है,जिससे प्रत्यासी चुनाव जीतने के बाद सामान्य वर्ग के लोगो की उपेक्षा करना शुरू कर देते है। बहरहाल प्रत्यासियो के मैदान में उतारने को लेकर राजनीतिक दलो का अपना नजरिया है,लेकिन भाजपा,सपा,काग्रेस सहित अन्य दलो के संभावित प्रत्यासी टिकट के लिये अभी गांव-गांव प्रचार कर अपने दलो की उपलब्धिया गिनाने में जुटे है। वहीं दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी की ओर जिस प्रकार जनता का रुझान तेजी से बढ़ रहा है वह सत्तासीन सहित अन्य दलों के लिए उनकी नींद हराम करने जैसा माहौल पैदा कर रहा है। अगर बात की जाए मंझनपुर विधानसभा सीट की तो बहुत दिनों बाद एक बार फिर बसपा से घोषित प्रत्याशी डॉ नीतू कनौजिया की तरफ मौजूदा समय जनता का रुझान एक तरफा दिखाई दे रहा है। जिससे अन्य दलों के मैदान में कूदने वाले लोगों में खलबली पैदा करने वाला वाकया हो गया है।

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भाजपा,सपा,काग्रेस व अन्य दलो के संभावित प्रत्यासी गिना रहे उपलब्धिया बसपा की तरफ बढ़ रहा जनता का रुझान
कौशाम्बी।  चुनाव आयोग ने  आगामी विधानसभा चुनाव  को लेकर भले ही तिथि की कोई घोषणा नही की है,परन्तु राजनीतिक दलो में केवल बसपा ही ऐसी पार्टी है जिसने जिले की  तीनों विधान सभा  से अपने प्रत्यासी उतार दिये है। जबकि सपा,कांग्रेस भाजपा में अभी प्रत्यासियो के चयन को लेकर गहन मंथन किया जा रहा है। जिले की तीन विधान सभा है,जिसमें विधान सभा 251 सिराथू व विधान सभा 253 चायल सामान्य सीट है। जबकि विधान सभा 252 मंझनपुर एससी कोटे के लिये आरक्षित है। वही बसपा ने सबसे पहले जिले की तीनो सीटो पर अपने प्रत्यासी घोषित कर दिया है। जिसमें बसपा ने सिराथू व चायल से ब्राम्हण चेहरो को वरीयता दिया है। जबकि मंझनपुर से एक नामचीन चिकित्सक की डा0 पत्नी को मैदान में महीनो पहले से उतार चुकी है। जबकि भाजपा,सपा,काग्रेंस सहित अन्य दलो में सभी विधान सभाओ में टिकट के कई-कई दावेदार होने से इन राजनीतिक दलो के केन्द्रीय नेतत्व अभी संभावित उम्मीदवार का फीडबैक जुटाने के साथ ही क्षेत्र का जातीय समीकरण भी जुटा रही है। लोगो की माने तो भाजपा सिराथू व चायल से सामान्य वर्ग के प्रत्यासी को वरीयता न देकर जातीय आधार पर प्रत्यासी उतारने के मूड में है। जबकि मंझनपुर से भी वर्तमान विधायक सहित अन्य संभावित प्रत्यासी की तलाश में जुटी है। वही सपा भी इस बार कोई चूक करने के मूड में नही है,उसके पास भी सिराथू,चायल में प्रत्यासियो की लम्बी सूची होने की वजह से वह भी फूक-फूक कर कदम उठाने के मूड में नजर आ रही है। जबकि जिले में अभी काग्रेंस अपने वजूद को बचाने के लिये मेहनत कर रही है,लेकिन काग्रेस में भी तीनो विधान सभाओ से प्रत्यासियो की लम्बी सूची है। फिलहाल बसपा ने अपना पत्ता खोलकर एक बार फिर से साबित कर दिया है कि उसके पुराने गढ में उसे 2012 व 2017 में मिली हार को जीत में बदलने के लिये सिराथू व चायल में सामान्य सीटो पर ब्राम्हण चेहरो को उतार कर सभी दलो यह एहसास करा दिया है कि सामान्य सीट पर उच्च जातियो को ही टिकट का हकदार माना जाय। वही सिराथू व चायल के सामान्य मतदाताओ का यह भी कहना है कि राजनीतिक दल हमेशा से यही करते आ रहे कि सामान्य सीटो पर भी आरक्षित वर्ग के लोगो को चुनाव मैदान में उतार देते है,जिससे प्रत्यासी चुनाव जीतने के बाद सामान्य वर्ग के लोगो की उपेक्षा करना शुरू कर देते है। बहरहाल प्रत्यासियो के मैदान में उतारने को लेकर राजनीतिक दलो का अपना नजरिया है,लेकिन भाजपा,सपा,काग्रेस सहित अन्य दलो के संभावित प्रत्यासी टिकट के लिये अभी गांव-गांव प्रचार कर अपने दलो की उपलब्धिया गिनाने में जुटे है। वहीं दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी की ओर जिस प्रकार जनता का रुझान तेजी से बढ़ रहा है वह सत्तासीन सहित अन्य दलों के लिए उनकी नींद हराम करने जैसा माहौल पैदा कर रहा है। अगर बात की जाए मंझनपुर विधानसभा सीट की तो बहुत दिनों बाद एक बार फिर बसपा से घोषित प्रत्याशी डॉ नीतू कनौजिया की तरफ मौजूदा समय जनता का रुझान एक तरफा दिखाई दे रहा है। जिससे अन्य दलों के मैदान में कूदने वाले लोगों में खलबली पैदा करने वाला वाकया हो गया है।

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