शोषण के कारण नहीं हो रहा उत्थान
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो का कहना है कि उन्हे बंधुआ मजदूर से भी कम मजदूरी मिल रही है। शोषण व उत्पीड़न के कारण 40 वर्षो बाद भी आंगनबाड़ी का उत्थान नहीं हो सका। जबकि यह योजना कांग्रेस की थी। हकीकत यह है कि कांग्रेस सरकार भी कभी इनकी ओर मुड़कर नहीं देखी। इस सम्बंध में आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठन का कहना है कि वर्तमान सरकार ने उन्हे कुछ भी नहीं किया। सरकार बनने पर मानदेय बढ़ने की झूठी सूचना मीडिया के माध्यम से दे रहे है। जबकि हकीकत में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो की हालत काफी बदतर हो गई है। हालांकि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो को वर्तमान भाजपा सरकार से काफी उम्मीदे थी। जबकि हकीकत यह है कि सरकार के बल झूठा आश्वासन ही दे रही है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो का कई संगठन अवश्य है परन्तु कोई भी संगठन वाजिव मांग को पूरा नहीं करा सके। साथ ही संगठनो की संख्या रोज बढ़ रही है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री संघ की नेता मिथिलेश सिंह का कहना है कि यदि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो को उचित मेहनताना नहीं दिया तो इसकी भरपाई चुनाव के दौरान बूथ पर की जाएगी। उनका कहना है कि सम्मानजनक मानदेय देने का एजेण्डा भाजपा सरकार का था। जबकि अब सरकार को पांच साल पूरा होने वाला है मगर सरकार केवल झूठा आश्वासन ही दे सकी है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां आहत एवं दुखी है। आज महंगाई के दौर में कार्यकत्रियो को मात्र पचपन सौ रूपए मानदेय मिल रहा है। इतना कम मानदेय में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो को गुजारा करना मुश्किल हो गया है। इसे प्रदेश की भाजपा सरकार नहीं समझ पा रही है। यही कारण है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो के साथ आज भी सौतेला व्यवहार हो रहा है। जीवन का 62 वर्ष खपा देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्री को सरकार बिना किसी सहारा के बाहर कर देती है। जहां पर डयूटी करनही हो वहां पर आंगनबाड़ी कर्मचारी बना दी जाती है। साथ ही सेवा मुक्त करते हुए एक समाज सेविका कहा जाता है। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो से अनुरोध है कि सम्मानजनक मानदेय तथा उत्थान के लिए संघर्ष करे। साथ ही किसी अन्य संगठन के बहकावे मे न आए।
शोषण के कारण नहीं हो रहा उत्थान
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो का कहना है कि उन्हे बंधुआ मजदूर से भी कम मजदूरी मिल रही है। शोषण व उत्पीड़न के कारण 40 वर्षो बाद भी आंगनबाड़ी का उत्थान नहीं हो सका। जबकि यह योजना कांग्रेस की थी। हकीकत यह है कि कांग्रेस सरकार भी कभी इनकी ओर मुड़कर नहीं देखी। इस सम्बंध में आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठन का कहना है कि वर्तमान सरकार ने उन्हे कुछ भी नहीं किया। सरकार बनने पर मानदेय बढ़ने की झूठी सूचना मीडिया के माध्यम से दे रहे है। जबकि हकीकत में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो की हालत काफी बदतर हो गई है। हालांकि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो को वर्तमान भाजपा सरकार से काफी उम्मीदे थी। जबकि हकीकत यह है कि सरकार के बल झूठा आश्वासन ही दे रही है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो का कई संगठन अवश्य है परन्तु कोई भी संगठन वाजिव मांग को पूरा नहीं करा सके। साथ ही संगठनो की संख्या रोज बढ़ रही है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री संघ की नेता मिथिलेश सिंह का कहना है कि यदि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो को उचित मेहनताना नहीं दिया तो इसकी भरपाई चुनाव के दौरान बूथ पर की जाएगी। उनका कहना है कि सम्मानजनक मानदेय देने का एजेण्डा भाजपा सरकार का था। जबकि अब सरकार को पांच साल पूरा होने वाला है मगर सरकार केवल झूठा आश्वासन ही दे सकी है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां आहत एवं दुखी है। आज महंगाई के दौर में कार्यकत्रियो को मात्र पचपन सौ रूपए मानदेय मिल रहा है। इतना कम मानदेय में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो को गुजारा करना मुश्किल हो गया है। इसे प्रदेश की भाजपा सरकार नहीं समझ पा रही है। यही कारण है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो के साथ आज भी सौतेला व्यवहार हो रहा है। जीवन का 62 वर्ष खपा देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्री को सरकार बिना किसी सहारा के बाहर कर देती है। जहां पर डयूटी करनही हो वहां पर आंगनबाड़ी कर्मचारी बना दी जाती है। साथ ही सेवा मुक्त करते हुए एक समाज सेविका कहा जाता है। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो से अनुरोध है कि सम्मानजनक मानदेय तथा उत्थान के लिए संघर्ष करे। साथ ही किसी अन्य संगठन के बहकावे मे न आए।



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