सांस्कृतिक रीति से आरोग्य भारती ने मनाया भगवान धन्वंतरि का प्राकट्योत्सव
अयोध्या। धनत्रयोदशी के अवसर पर आरोग्य भारती अवध प्रान्त ने देव धन्वन्तरि प्राकट्योत्सव एवं स्वास्थ्य परिचर्चा का आयोजन कर दो चरणों मे किया गया। प्रथम चरण में आयोजन का शुभारंभ केजीएमयू सभागार में ॐ ध्वनि, धन्वन्तरि स्तवन व पूजन से हुई जिसमें देश के तमाम हिस्सों से डेढ़ सौ से अधिक ऑनलाईन जुड़े कार्यकर्ताओं को जूम पर सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सलाहकार व राष्ट्रीय सन्गठन सचिव डॉ अशोक कुमार वार्ष्णेय ने कहा स्वास्थ्य ही सबसे मूल्यवान धन है, रोगों के विषतुल्य प्रभावों से अमृतरूपी संरक्षण प्रदान कर जीवन के उद्देश्यों को सार्थकता प्रदान करने वाले आरोग्य के देवता भगवान धन्वन्तरि का पूजन हम लोग व्यक्ति, परिवार, समाज व राष्ट्रसेवा की भावना से करते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान अयोध्या में अवधप्रान्त के सहसचिव डा उपेन्द्रमणि त्रिपाठी ने स्वास्थ्य सेवा में योगदान कर रही 21 मातृशक्तियों का आरोग्यसखी सम्मान कर अभिनंदन किया। इसके बाद दूसरे चरण में प्रत्यक्ष कार्यक्रम में विदेश सम्पर्क एवं समन्यवय विभाग के क्षेत्रीय संयोजक इंजीनियर रवि तिवारी ट्रस्ट संयोजक प्रवीण सिंह, अवध प्रान्त सहसचिव डा उपेन्द्रमणि त्रिपाठी जिला संयोजक आनन्द उपाध्याय ने संयुक्त रूप से भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण कर धूप दीप से सांस्कारिक विधि से पूजन किया। इं रवि तिवारी ने कहा विगत दो वर्षों ने मानवता को स्पष्ट कर दिया कि पैसे संसाधन व यांत्रिक विकास की अपेक्षा जीवन मे स्वास्थ्य का क्या महत्व है।महानगर सचिव डॉ पंकज श्रीवास्तव ने आज ही दिन हुई आरोग्य भारती की स्थापना के उद्देश्यों व विश्व आयुर्वेद दिवस के महत्व से परिचय कराया।इसके बाद डा. उपेन्द्रमणि त्रिपाठी ने कहा कार्तिक मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को समुद्रमंथन से प्रकट हुए भगवान धन्वंतरि का चतुर्भुज जिनमे शंख, चक्र, जलौका औषधि व अमृत कलश है वह स्वयं चारों युगों का परिचायक, चारों वर्णाश्रमों का उपदेशक व धर्म अर्थ काम मोक्षक का सिद्धिकारक स्वरूप है। इस अवसर पर व्यक्ति परिवार समाज व राष्ट्र के स्वास्थ्य की कार्यसाधना के लिए आयोजन में उपस्थित कार्यकर्ता चिकित्सकों को धन्वन्तरि संचायिका भेंट उन्हें सेवा सहयोग का संकल्प दिलाया गया।कार्यक्रम में डॉ आंनद, डॉ संजीव सिंह, डॉ एच पी तिवारी, डॉ एस के गुप्ता, डॉ रजनीकांत, डॉ प्रीति पांडेय ने विचार व्यक्त किये। संयोजक डा रत्नेश पांडेय ने उपस्थित चिकित्सकों व महिलाओं पुरुषों सामान्यजनों का आभार व्यक्त किया।कल्याण व शांति मंत्र के बाद प्रसाद वितरण किया गया।



उत्तरप्रदेश








शेयर करें













































































