लखनऊ। धर्मांतरण मामले में फंसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन को लेकर नित्य नये खुलासे हो रहे हैं। कई वीडियों में वह हिन्दू धर्म के बारे में उलटा-सीधा कहते दिख रहे हैं। अब एक नया खुलासा हुआ है कि इफ्तिखारुद्दीन अपने सरकारी आवास में रहने वाले हिन्दुओं को पूजा-पाठ नहीं करने देते थे, इतना ही नहीं मूर्ति पूजा करने वालों को वह जाहिल कह कर बुलाया करते थे। इफ्तिखारुद्दीन के बारे में जैसे ही एसआईटी ने जांच शुरू की तो उनके बारे में कई चौकाने वाले खुलासे हुए। इफ्तिखारुद्दीन के सरकारी आवास में रहने वाले स्टाफ के एक कर्मचारी ने एसआईटी से बातचीत में दावा किया कि जब मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन मंडलायुक्त थे तब आवास की पूरी सूरत बदल गई थी। न किसी को पूजा पाठ करने की अनुमति थी न ही हिंदू धर्म संबंधित फोटो लगानी की छूट थी। आवास पर आए दिन लोगों को जमावड़ा लगता था, जिसमें इस्लाम संबंधी तकरीरें होती थी। एसआईटी ने फौरी तौर पर कर्मचारियों से बातचीत की थी। जिसमें एक कर्मचारी ने ये बातें बताईं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी जल्द ही इन लोगों के बयान दर्ज कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि आवास में तैनात कई कर्मचारी पूजा करते थे। जब इफ्तिखारुद्दीन की तैनाती हुई तो वह सभी को जाहिल कहकर बुलाते थे। वह मूर्ति की पूजा की मनाही करते थे। जिससे तमाम लोग परेशान रहते थे लेकिन उनकी हनक और पद के चलते कोई अपना मुंह नहीं खोल पाता था। वहीं होली और दीवाली जैसे त्योहार मनाने पर भी एक तरह से रोक लगा रखी थी। इन सभी तथ्यों को जांच में शामिल किया गया है। बहरहाल, अभी तक इफ्तिखारुद्दीन के धर्मांतरण से जुड़े होने की जांच के मामले में चार वीडियो वायरल हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी के पास इस संबंध में अभी तक आठ दस वीडियो पहुंच चुके हैं। यही नहीं ये भी जानकारी मिली है कि तकरीर कई घंटे की है। जिसके तमाम वीडियो हैं। धीरे-धीरे वह सभी वीडियो वायरल किए जा रहे हैं।
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हिन्दू स्टाफ को पूजा-पाठ नहीं करने देता था धर्मांतरण का आरोपी आईएएस
लखनऊ। धर्मांतरण मामले में फंसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन को लेकर नित्य नये खुलासे हो रहे हैं। कई वीडियों में वह हिन्दू धर्म के बारे में उलटा-सीधा कहते दिख रहे हैं। अब एक नया खुलासा हुआ है कि इफ्तिखारुद्दीन अपने सरकारी आवास में रहने वाले हिन्दुओं को पूजा-पाठ नहीं करने देते थे, इतना ही नहीं मूर्ति पूजा करने वालों को वह जाहिल कह कर बुलाया करते थे। इफ्तिखारुद्दीन के बारे में जैसे ही एसआईटी ने जांच शुरू की तो उनके बारे में कई चौकाने वाले खुलासे हुए। इफ्तिखारुद्दीन के सरकारी आवास में रहने वाले स्टाफ के एक कर्मचारी ने एसआईटी से बातचीत में दावा किया कि जब मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन मंडलायुक्त थे तब आवास की पूरी सूरत बदल गई थी। न किसी को पूजा पाठ करने की अनुमति थी न ही हिंदू धर्म संबंधित फोटो लगानी की छूट थी। आवास पर आए दिन लोगों को जमावड़ा लगता था, जिसमें इस्लाम संबंधी तकरीरें होती थी। एसआईटी ने फौरी तौर पर कर्मचारियों से बातचीत की थी। जिसमें एक कर्मचारी ने ये बातें बताईं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी जल्द ही इन लोगों के बयान दर्ज कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि आवास में तैनात कई कर्मचारी पूजा करते थे। जब इफ्तिखारुद्दीन की तैनाती हुई तो वह सभी को जाहिल कहकर बुलाते थे। वह मूर्ति की पूजा की मनाही करते थे। जिससे तमाम लोग परेशान रहते थे लेकिन उनकी हनक और पद के चलते कोई अपना मुंह नहीं खोल पाता था। वहीं होली और दीवाली जैसे त्योहार मनाने पर भी एक तरह से रोक लगा रखी थी। इन सभी तथ्यों को जांच में शामिल किया गया है। बहरहाल, अभी तक इफ्तिखारुद्दीन के धर्मांतरण से जुड़े होने की जांच के मामले में चार वीडियो वायरल हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी के पास इस संबंध में अभी तक आठ दस वीडियो पहुंच चुके हैं। यही नहीं ये भी जानकारी मिली है कि तकरीर कई घंटे की है। जिसके तमाम वीडियो हैं। धीरे-धीरे वह सभी वीडियो वायरल किए जा रहे हैं।



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