राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौपां
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। मौलिक अधिकार पार्टी ने वोटरशिप लागू करने समेत अन्य मांगो के निराकरण के लिए कमर कस लिया है। मांगो को लेकर आज राष्ट्रपति को सम्बोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपां। साथ ही मांगो का निराकरण करने की मांग की है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि देश् में हजारो साल पहले वैदिक व्यवस्था लागू करके शिक्षा, रक्षा सम्पत्ति के अधिकार से लोगो को वंचित करके गुलाम बनाया गया। इसी तरह कोरोना महामारी की आड़ में पढ़ाई, दवाई और कमाई बंद कर दिया। आज कमर तोड़ महंगाई के कारण जनता त्राहि त्राहि कर रही है। इसके बावजूद सरकार देश के विभागो को निजीकरण के नाम पर बेच रही है। इससे लोग नौकरी व आरक्षण से वंचित हों। संविधान में संशोधन किए जा रहे है। ऐसे में आज इन समस्याआ को लेकर राष्ट्रपति को सम्बोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौपां गया। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति को अवगत कराया गया कि सम्पूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण मुफ्त होना चाहिए। देश को मूर्ख बनाने के लिए अप्रैल से की गई शिक्षा सत्र को 1 जुलाई से किया जाए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा की सुविधा सभी को मुफ्त दिया जाए। प्राइवेट सेक्टर की नौकरी में भी आरक्षण लागू किया जाए। इसे वर्गीय आधार पर जनसंख्या के अनुपात में लागू करना चाहिए। इसके अलावा प्रजातांत्रिक स्तम्भ के प्रतिनिधि वेतन एवं महंगाई भत्ते पाते है। इससे उन पर कोरोना संकट का कोई असर नहीं पड़ा। इसकी मार देश की जनता व मतदाता झेल रही है। ऐसे में वोटर शिप लागू होना चाहिए। साथ ही कोरोना के कारण बंद रेलवे एवं सड़क परिवहन का संचालन नियमित किया जाए। प्रत्येक मार्ग पर पैसेन्जर एवं एक फास्ट पैसेन्जर का प्रतिदिन आवागमन होना चाहिए। प्लेटफार्म टिक का बढ़ा किराया समाप्त करने के साथ ही एमएसटी पास व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इस दौरान सचिव सीताराम शर्मा, रामकुमार शर्मा, जीतलाल शर्मा, रामसंजीव प्रजापति, श्याम यादव, राहुल शर्मा, जवाहर, छेदीलाल, विजय नारायण शर्मा, श्रीकांत, शिवराम शर्मा, अयोध्या प्रसाद, कृपांश शर्मा, संतोष शर्मा, आद्याशंकर आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौपां
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। मौलिक अधिकार पार्टी ने वोटरशिप लागू करने समेत अन्य मांगो के निराकरण के लिए कमर कस लिया है। मांगो को लेकर आज राष्ट्रपति को सम्बोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपां। साथ ही मांगो का निराकरण करने की मांग की है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि देश् में हजारो साल पहले वैदिक व्यवस्था लागू करके शिक्षा, रक्षा सम्पत्ति के अधिकार से लोगो को वंचित करके गुलाम बनाया गया। इसी तरह कोरोना महामारी की आड़ में पढ़ाई, दवाई और कमाई बंद कर दिया। आज कमर तोड़ महंगाई के कारण जनता त्राहि त्राहि कर रही है। इसके बावजूद सरकार देश के विभागो को निजीकरण के नाम पर बेच रही है। इससे लोग नौकरी व आरक्षण से वंचित हों। संविधान में संशोधन किए जा रहे है। ऐसे में आज इन समस्याआ को लेकर राष्ट्रपति को सम्बोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौपां गया। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति को अवगत कराया गया कि सम्पूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण मुफ्त होना चाहिए। देश को मूर्ख बनाने के लिए अप्रैल से की गई शिक्षा सत्र को 1 जुलाई से किया जाए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा की सुविधा सभी को मुफ्त दिया जाए। प्राइवेट सेक्टर की नौकरी में भी आरक्षण लागू किया जाए। इसे वर्गीय आधार पर जनसंख्या के अनुपात में लागू करना चाहिए। इसके अलावा प्रजातांत्रिक स्तम्भ के प्रतिनिधि वेतन एवं महंगाई भत्ते पाते है। इससे उन पर कोरोना संकट का कोई असर नहीं पड़ा। इसकी मार देश की जनता व मतदाता झेल रही है। ऐसे में वोटर शिप लागू होना चाहिए। साथ ही कोरोना के कारण बंद रेलवे एवं सड़क परिवहन का संचालन नियमित किया जाए। प्रत्येक मार्ग पर पैसेन्जर एवं एक फास्ट पैसेन्जर का प्रतिदिन आवागमन होना चाहिए। प्लेटफार्म टिक का बढ़ा किराया समाप्त करने के साथ ही एमएसटी पास व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इस दौरान सचिव सीताराम शर्मा, रामकुमार शर्मा, जीतलाल शर्मा, रामसंजीव प्रजापति, श्याम यादव, राहुल शर्मा, जवाहर, छेदीलाल, विजय नारायण शर्मा, श्रीकांत, शिवराम शर्मा, अयोध्या प्रसाद, कृपांश शर्मा, संतोष शर्मा, आद्याशंकर आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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