प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। सावन के महीने में जनपद के शिवमंदिरो में श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ रही है। वैसे धार्मिक दृष्टि से सावन का महीना भगवान शिव का माह माना जाता है। यही कारण है कि सावन माह में शिव मंदिरो में जहां विशेष पूजा अर्चना की जाती है। वही सोमवार को मेले भी लगते है। मान्यता है कि सावन में सोमवार को शिव पूजा विशेष फलदायी होती है। यदि कोई पीड़ा या समस्या नही है तो भी जन कल्याण एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए शिव आराधना लाभदायक सिद्ध होता है। वही सावन माह के सभी सोमवार शंकर भगवान के व्रत माने गए है। इसी धारणा के तहत सावन में जनपद के शिव मंदिरो में सोमवार को अधिक भीड़ रहती है। इस दिन बाबा घुइसरनाथ धाम, बाबा बेलखरनाथ धाम, बाबा भयहरणनाथ धाम, बाबा हौदेश्वरनाथ धाम में शिवभक्तो की अपार भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु इस दिन कार्य सिद्धि का संकल्प लेकर व्रत तथा पूजन अर्चन करते है। सावन का तीसरा सोमवार आगामी 9 अगस्त को पड़ रहा है। सावन माह में भगवान शिव को प्रसन्न करने तथा विशेष कृपा का पात्र बनने के लिए श्रवण, महात्म्य, रूद्राभिषेक, शिवाष्टक, शिव चालीसा, शिव सहस्त्र नाम, शिव के मंत्रो का जाप, शिव पुराण आदि का पाठ करना चाहिए। वही भगवान शिव के मंत्रो में पंचाश्वरी मंत्र अत्यंत सरल एवं उपयोगी माना जाता हैं इस मंत्र के जप से दैहिक, दैविक एवं भौतिक ताप तो नष्ट होते ही है। मनवांछित फल भी मिलता है। इस बारे में शिवभक्तो का कहना है कि जो मनुष्य विषय वासना का त्याग नहीं कर सकते उनके लिए शिव आराधना ही कामधेनु है। महादेव जी से बढ़कर दूसरा अन्य देवता नहीं है जो शीघ्र प्रसन्न होकर भक्त को भवसागर से पार कर देते है। इसी उद्देश्य से सावन के महीने में पूरी श्रद्धा एवं संकल्प के साथ शिवपूजन का आरक्षण कर दिया गया है। नगर के शिव मंदिरो में भी दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओ की भीड़ हर रोज पहुंच रही है। पुरूषो की अपेक्षा महिलाओ में शिव पूजन के प्रति अधिक उत्साह दिखाई पड़ रहा है।
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। सावन के महीने में जनपद के शिवमंदिरो में श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ रही है। वैसे धार्मिक दृष्टि से सावन का महीना भगवान शिव का माह माना जाता है। यही कारण है कि सावन माह में शिव मंदिरो में जहां विशेष पूजा अर्चना की जाती है। वही सोमवार को मेले भी लगते है। मान्यता है कि सावन में सोमवार को शिव पूजा विशेष फलदायी होती है। यदि कोई पीड़ा या समस्या नही है तो भी जन कल्याण एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए शिव आराधना लाभदायक सिद्ध होता है। वही सावन माह के सभी सोमवार शंकर भगवान के व्रत माने गए है। इसी धारणा के तहत सावन में जनपद के शिव मंदिरो में सोमवार को अधिक भीड़ रहती है। इस दिन बाबा घुइसरनाथ धाम, बाबा बेलखरनाथ धाम, बाबा भयहरणनाथ धाम, बाबा हौदेश्वरनाथ धाम में शिवभक्तो की अपार भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु इस दिन कार्य सिद्धि का संकल्प लेकर व्रत तथा पूजन अर्चन करते है। सावन का तीसरा सोमवार आगामी 9 अगस्त को पड़ रहा है। सावन माह में भगवान शिव को प्रसन्न करने तथा विशेष कृपा का पात्र बनने के लिए श्रवण, महात्म्य, रूद्राभिषेक, शिवाष्टक, शिव चालीसा, शिव सहस्त्र नाम, शिव के मंत्रो का जाप, शिव पुराण आदि का पाठ करना चाहिए। वही भगवान शिव के मंत्रो में पंचाश्वरी मंत्र अत्यंत सरल एवं उपयोगी माना जाता हैं इस मंत्र के जप से दैहिक, दैविक एवं भौतिक ताप तो नष्ट होते ही है। मनवांछित फल भी मिलता है। इस बारे में शिवभक्तो का कहना है कि जो मनुष्य विषय वासना का त्याग नहीं कर सकते उनके लिए शिव आराधना ही कामधेनु है। महादेव जी से बढ़कर दूसरा अन्य देवता नहीं है जो शीघ्र प्रसन्न होकर भक्त को भवसागर से पार कर देते है। इसी उद्देश्य से सावन के महीने में पूरी श्रद्धा एवं संकल्प के साथ शिवपूजन का आरक्षण कर दिया गया है। नगर के शिव मंदिरो में भी दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओ की भीड़ हर रोज पहुंच रही है। पुरूषो की अपेक्षा महिलाओ में शिव पूजन के प्रति अधिक उत्साह दिखाई पड़ रहा है।



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