महारानी अहिल्याबाई होलकर जयंती प्रयागराज में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि अहिल्याबाई नारी शक्ति की सजीव प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अपने शासनकाल में न केवल धर्म और संस्कृति का संरक्षण किया, बल्कि समाज कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
महारानी अहिल्याबाई होलकर जयंती प्रयागराज में श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर नारी शक्ति की सजीव प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अपने शासनकाल में समाज कल्याण को सर्वोपरि मानते हुए ऐतिहासिक कार्य किए, जो आज भी प्रेरणा स्रोत हैं।
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सिविल लाइंस में शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में आराधना मिश्रा ने कहा कि अहिल्याबाई अपने धर्मपरायण और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध थीं। उन्होंने भारत के अनेक मंदिरों का पुनर्निर्माण करवाया और गरीबों के हित में अनेक कार्य किए।
मोना ने बताया कि महारानी अहिल्याबाई होलकर ने 1767 से 1795 तक मालवा पर शासन किया और अपनी सादगी, शौर्य, नेतृत्व क्षमता और न्यायप्रियता से समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया। वे केवल एक रानी नहीं, बल्कि एक लोकमाता थीं।
कार्यक्रम की शुरुआत महारानी अहिल्याबाई के तैलचित्र पर माल्यार्पण से हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर कांग्रेस अध्यक्ष फुजैल हाशमी ने की। इस अवसर पर महासचिव मुकुंद तिवारी, किशोर वार्ष्णेय, हरकेश त्रिपाठी, हसीब अहमद, संजय तिवारी, अनिल पांडे, परवेज सिद्दीकी, मानस शुक्ला, अनूप त्रिपाठी, प्रदीप दिवेदी, मो. नसीम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने आशा जताई कि ऐसे कार्यक्रम समाज में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करने और नई पीढ़ी को जागरूक करने का कार्य करेंगे।
महारानी अहिल्याबाई होलकर जयंती प्रयागराज में मनाकर कांग्रेस ने ऐतिहासिक परंपराओं और महिला सशक्तिकरण के संदेश को मजबूती से आगे बढ़ाया।



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