मकान सहित सभी वस्तुऐं जलकर खाक
प्रयागराज। कौंधियारा थाना क्षेत्र के बारी बजहिया चौराहे से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित रामप्रताप विश्वकर्मा पुत्र स्वर्गीय बैजनाथ विश्वकर्मा गाँव से बाहर अपने निजी खेत में एक माटी का मकान बनाकर रहते हैं। जिसमें पति पत्नी व बेटा बहू तथा नाती पोते के साथ अपना उसी कच्चे मकान में जीवन यापन किया करते हैं। बीते दिन समय लगभग 5 बजे शाम के लगभग घर से आग का निकलना शुरू तो आसपास के लोगों को हल्ला करके आवाज दी गई। घर लकड़ी व शरपत से छाया गया था। आग की लपटें देख घर के सदस्यों ने रोना चिल्लाना शुरू किया। कुछ ही समय में आखों के सामने ही घर में रखी पूरी सामाग्री जलकर खाक हो गयी। पूरा परिवार दाने दाने को मुहताज हो गया है और रहने के लिए कोई मकान भी नहीं रह गया है। पूरा परिवार रो रो कर अपने आर्थिक सहायता के लिए व खानपान की सामाग्री तथा कपड़े जैसी वस्तुओं के लिए भी मुहताज हो गया है। पीड़ित रामप्रताप विश्वकर्मा ने बताया कि 50 वर्षों से कच्चे मकान में रह रहे हैं लेकिन अभी तक गरीब को आवास नहीं मिला। पूरा परिवार कच्चे मकान में गुजारा करता है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि कौंधियारा ब्लॉक के अधिकारियों की जांच पड़ताल करते हुए गरीब का जो आवास आज कई वर्षों से भराकर नहीं दिया गया है उसकी जांच कर गरीब परिवार को आवास जल्द से जल्द मुहैया करवाया जाय। घटना की सूचना जब ग्राम प्रधान रामदुलार पटेल को हुई तो वह भी परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे और परिवार को आश्वासन दिया की जल्द से जल्द आपको सबसे पहले आवास दिलाया जाऐगा। ग्राम रोजगार सेवक के साथ ग्राम पंचायत विकास अधिकारी साथ में भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे और पीड़ित परिवार के आवास की जानकारी देते हुए बताया कि इनका आवास लिस्ट में है। जल्द से जल्द ही दिलाया जाऐगा।
मकान सहित सभी वस्तुऐं जलकर खाक
प्रयागराज। कौंधियारा थाना क्षेत्र के बारी बजहिया चौराहे से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित रामप्रताप विश्वकर्मा पुत्र स्वर्गीय बैजनाथ विश्वकर्मा गाँव से बाहर अपने निजी खेत में एक माटी का मकान बनाकर रहते हैं। जिसमें पति पत्नी व बेटा बहू तथा नाती पोते के साथ अपना उसी कच्चे मकान में जीवन यापन किया करते हैं। बीते दिन समय लगभग 5 बजे शाम के लगभग घर से आग का निकलना शुरू तो आसपास के लोगों को हल्ला करके आवाज दी गई। घर लकड़ी व शरपत से छाया गया था। आग की लपटें देख घर के सदस्यों ने रोना चिल्लाना शुरू किया। कुछ ही समय में आखों के सामने ही घर में रखी पूरी सामाग्री जलकर खाक हो गयी। पूरा परिवार दाने दाने को मुहताज हो गया है और रहने के लिए कोई मकान भी नहीं रह गया है। पूरा परिवार रो रो कर अपने आर्थिक सहायता के लिए व खानपान की सामाग्री तथा कपड़े जैसी वस्तुओं के लिए भी मुहताज हो गया है। पीड़ित रामप्रताप विश्वकर्मा ने बताया कि 50 वर्षों से कच्चे मकान में रह रहे हैं लेकिन अभी तक गरीब को आवास नहीं मिला। पूरा परिवार कच्चे मकान में गुजारा करता है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि कौंधियारा ब्लॉक के अधिकारियों की जांच पड़ताल करते हुए गरीब का जो आवास आज कई वर्षों से भराकर नहीं दिया गया है उसकी जांच कर गरीब परिवार को आवास जल्द से जल्द मुहैया करवाया जाय। घटना की सूचना जब ग्राम प्रधान रामदुलार पटेल को हुई तो वह भी परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे और परिवार को आश्वासन दिया की जल्द से जल्द आपको सबसे पहले आवास दिलाया जाऐगा। ग्राम रोजगार सेवक के साथ ग्राम पंचायत विकास अधिकारी साथ में भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे और पीड़ित परिवार के आवास की जानकारी देते हुए बताया कि इनका आवास लिस्ट में है। जल्द से जल्द ही दिलाया जाऐगा।



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