आक्रोशित लोगों ने शुरू किया हंगामा
कौशाम्बी। पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के स्थानीय एक मामले का निस्तारण करने गई पुलिस पर एक अधेड़ की पिटाई का आरोप मृतक के परिजनों ने लगाया है। जिसपर अधेड़ की सन्दिग्ध रूप से मौत हो गई। मामले में स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।पुलिस ने परिवार वालों को समझा बुझाकर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी ने पश्चिम शरीरा थाने की पुलिस पर पिटाई का सीधा आरोप लगाया है। जबकि पुलिस साफतौर पर ऐसी बात से इनकार करती नजर आ रही है। पश्चिम शरीरा थाना अंतर्गत स्थानीय कस्बा निवासी मथुरा सोनकर का गांव के ही वासुदेव से खेत में बाड़ लगाने को लेकर करीब पांच दिन पहले विवाद हो गया। किसी तरह ग्रामीणों ने समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद मथुरा के सास की मौत होने की जानकारी मिलने पर वह पत्नी सीमा के साथ फतेहपुर चला गया। शनिवार की शाम बहू ने मथुरा से फोन कर बताया कि विपक्षी वासदेव व उसके परिवार वालों ने उसके खेत में कंटीली तार बांध दिया है। कारण पूछने पर वह मारपीट पर आमादा हैं। मथुरा के कहने पर बहू ने पुलिस को सूचना दी। सीमा का आरोप है कि रविवार की दोपहर थाने के सिपाही अरुण सिंह व गोविंद कुमार पहुंचे। विपक्षी की धर-पकड़ करने के बजाए उल्टे मथुरा को गाली-गलौज करने लगे। इस बीच गोविंद ने बंदूक के कुंदे से मथुरा पर वार कर दिया। इससे वह बेहोश हो गया। यह देख दोनों सिपाही वहां से भाग निकले। स्वजन आनन-फानन बाइक से मथुरा को लेकर अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में थानाध्यक्ष भवानी सिंह मिले तो उन्होंने अपनी जीप में बेसुध मथुरा को बैठा लिया। जिला अस्पताल लेकर आए लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने सिपाही पर पिटाई का आरोप लगाया है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इसी चलते मथुरा की मौत हुई है। जबकि परिवार वालों का सीधा आरोप है कि विवाद शनिवार को हुआ था और मथुरा रविवार को ही फतेहपुर से लौटा है। सूत्रों की माने पुलिस व विभाग के आलाजिम्मेदार कभी भी अपने व मातहतों के गुनाह को कबूल नही करते। जबकि आये दिन पुलिस की बर्बरता वा अमानवीय कृत्यों की घटनाएं सामने आती रहती है।



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