समाज का निर्णय न मानने वालों की ओर की गई तैयारियों का होगा बहिष्कार
लोकमित्र ब्यूरो
प्रतापगढ़। दुर्गागंज बाजार के निकट कसेरुआ गांव में क्षेत्रीय ब्राह्मण समाज की बैठक हुई। इसमें एकादशाह पर होने वाली जलपान की व्यवस्था को शास्त्र के विपरीत बताते हुए इसे पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया गया। तय किया गया कि अगर कोई व्यक्ति समाज के इस निर्णय का उल्लंघन करता है तो उसके यहां की गई व्यवस्था का पूरा समाज बहिष्कार करेगा। उक्त गांव निवासी राधेश्याम दुबे के सौजन्य से उनके आवास पर आयोजित बैठक में उपस्थित समाज के लोगों ने कहाकि जो कार्य शास्त्र के विपरीत है उसे बंद होना ही चाहिए। अब तक जो गलतियां हुईं वे अज्ञानता और भूल की वजह से हुईं। भूल सुधारना कोई गलत नहीं है। व्यक्ति शुद्ध नहीं होता और जलपान की वस्तुएं तैयार हो जाती हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार गौरी गणेश का पूजन होने के बाद ही श्राद्धकर्म करने वाले के घर में चूल्हा जलना चाहिए, मगर इसका पूरी तरह से उल्लंघन हो रहा है। इसलिए जलपान की व्यवस्था बन्द होना बहुत जरूरी है। बैठक में कुछ सदस्यों ने पास के मंशाराम का पूरा और रैनी गांवों के दौरों की प्रगति की जानकारी दी। इस पर सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की। कुछ सदस्यों ने बैठक में सुझाव दिया कि निमंत्रण एकादशाह के बाद कराया जाए, इसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया। सुधार की दिशा में कई अन्य सुझाव भी आये। इन सुझावों को सदस्यों ने उचित बताते हुए कहाकि मगर एक-एक कमियों को दूर करना ही बेहतर होगा। पहले जो अभियान चल रहा है हमारा लक्ष्य उसी पर केंद्रित होना चाहिए। अगली बैठक रविवार 31 जुलाई को अधारगंज में ज्वाला प्रसाद तिवारी के यहां होगी। बैठक में दुबेपट्टी, दयालपुर, मेहदौरी, खमपुर, तिवारीपुर, बनवारपुर, महोथरी, राजापुर, नरहरपुर, चौबेपट्टी, गोकुला, नंदपट्टी, पूरेशेख़ी, दुर्गागंज, देवापट्टी, रामगढ़, बभनमई, बाबूपट्टी आदि गांवों के लोग मौजूद थे।



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