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महिला अस्पताल की छत ढहा, मशीनें हुई क्षतिग्रस्त

बाल बाल बचे आधा दर्जन कर्मचारी
प्रतापगढ़। निर्माण  कार्यो के घटियापन की प्रकृति ने ही पोल खोलनी शुरू कर दी है, जिला महिला अस्पताल के जाँच केन्द्र की छत भरभरा कर ढह गई, जिसके कारण दूसरा तल भी क्षति ग्रस्त हो गया। ईश्वर का शुक्र ही रहा कि आधा दर्जन लोग मृत्यु के आगोश में आने से बच गए। उसके अंदर रखे कोविड जांच की कुछ मशीने क्षतिग्रस्त हो गई हैं।बहरहाल आला अधिकारी उसे डैमेज बता रहे हैं लेकिन सवाल यह है कि डैमेज भवन का उपयोग विभाग क्यों कर रहा था। क्षतिग्रस्त मशीनों की भरपाई आखिर कौन करेगा।  बता दें कि जिला महिला अस्पताल का एक वार्ड जो तीन तल का बना हुआ था, जिसको स्वास्थ्य विभाग ने डैमेज घोषित कर रखा था। उसके अंदर कोविड जांच का कार्य चल रहा था। जांच से सम्बन्धित मशीनें रखी हुई थीं। दोपहर में अचानक छत के ढह जाने से उसके अंदर रखीसेंटी यूज मशीन नष्ट हो गई है। आर टी पी सी आर का कार्य प्रभावित हुआ है। अब कोविड जांच के लिए लोगों को चक्कर लगाने पड़ेगे। शुक्र रहा कि उसके अंदर कार्य करने वाले लोग किसी काम से बाहर निकले हुए थे।अब क्षति ग्रस्त हुई मशीनों की जिम्मेदारी देखिए किस पर फिक्स होती है।

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बाल बाल बचे आधा दर्जन कर्मचारी
प्रतापगढ़। निर्माण  कार्यो के घटियापन की प्रकृति ने ही पोल खोलनी शुरू कर दी है, जिला महिला अस्पताल के जाँच केन्द्र की छत भरभरा कर ढह गई, जिसके कारण दूसरा तल भी क्षति ग्रस्त हो गया। ईश्वर का शुक्र ही रहा कि आधा दर्जन लोग मृत्यु के आगोश में आने से बच गए। उसके अंदर रखे कोविड जांच की कुछ मशीने क्षतिग्रस्त हो गई हैं।बहरहाल आला अधिकारी उसे डैमेज बता रहे हैं लेकिन सवाल यह है कि डैमेज भवन का उपयोग विभाग क्यों कर रहा था। क्षतिग्रस्त मशीनों की भरपाई आखिर कौन करेगा।  बता दें कि जिला महिला अस्पताल का एक वार्ड जो तीन तल का बना हुआ था, जिसको स्वास्थ्य विभाग ने डैमेज घोषित कर रखा था। उसके अंदर कोविड जांच का कार्य चल रहा था। जांच से सम्बन्धित मशीनें रखी हुई थीं। दोपहर में अचानक छत के ढह जाने से उसके अंदर रखीसेंटी यूज मशीन नष्ट हो गई है। आर टी पी सी आर का कार्य प्रभावित हुआ है। अब कोविड जांच के लिए लोगों को चक्कर लगाने पड़ेगे। शुक्र रहा कि उसके अंदर कार्य करने वाले लोग किसी काम से बाहर निकले हुए थे।अब क्षति ग्रस्त हुई मशीनों की जिम्मेदारी देखिए किस पर फिक्स होती है।

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