तनाव, चिंता, अवसाद से ग्रस्त व्यक्ति का तन स्वस्थ नहीं होगा तो मन में शांति नहीं होगी –
अखिलेश यादव
लोकमित्र ब्यूरो
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योग दिवस पर अपने संदेश में सभी के स्वास्थ्य एवं सुखद जीवन की कामना करते हुए कहा योग जीवन जीने की कला है। इसलिए यह दिन सामाजिक सद्भाव और सौहार्द के लिए समर्पित होना चाहिए। योग सबको परस्पर जोड़ने, एक दूसरे के सुख-दुख में शामिल होने और मानवीय संवेदनाओं की अनुभूति का आभास होना है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मन-वचन-कर्म की शुचिता का योग मानवता के लिए आवश्यक है। योग सामाजिक न्याय का भी संयोजन है।
अखिलेश यादव ने कहा कि इस दिवस की महत्ता तभी रहेगी जब इसके साथ लोकतांत्रिक परम्पराओं का योग भी बैठाया जाएगा। गरीबों के साथ न्याय का योग चाहिए। भाजपा को कानून के राज का योग भी बिठाना चाहिए। जब जनसामान्य अपने को सुरक्षित और भयमुक्त समझेगा तभी योग में उसकी अभिरुचि होगी। तनाव, चिंता, अवसाद से ग्रस्त व्यक्ति का तन स्वस्थ नहीं होगा तो मन में शांति नहीं होगी।
श्री यादव ने कहा कि योग भारतीय वैज्ञानिक पद्धति है। यह उदात्त जीवन मूल्यों से जुड़ी परम्परा हैं। यह दिखावे और प्रदर्शन की वस्तु नहीं। भाजपा ने इसे अपने ‘इवेंट मैनेजमेंट‘ का पार्ट बनाना शुरू कर दिया है। इससे योग की स्वाभाविक प्रभावशीलता बाधित होगी। समाजवादी पार्टी योग की परम्परागत शुचिता की पक्षधर है।



उत्तरप्रदेश








शेयर करें















































































