स्वास्थ विभाग के अधिकारी ने नर्सिंग होम में कराया इलाज
राजा प्रताप बहादुर पुरुष अस्पताल में तैनात हड्डी के डाक्टर ने किया आपरेशन
प्रतापगढ़। डाक्टर सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर जिला पुरूष अस्पताल के हड्डी के डाक्टर ने सदर बाजार स्थित एक नर्सिंग होम में जाकर एक महिला के कूल्हे का आपरेशन किया है। पता चला है कि मरीज स्वास्थ विभाग के अधिकारी के परिवार का था। पूरा इलाज सरकारी हुआ है। इसकी जानकारी होने पर स्वास्थ विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बाहर आपरेशन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्वास्थ विभाग के मेडिकल अफसरों को सरकारी अस्पतालों पर भरोसा नहीं रहा। वो इसको केवल नौकरी का पार्ट समझते हैं। अगर ऐसा न होता तो विभाग के एक अधिकारी अपने परिवार के सदस्य का इलाज निजी नर्सिंग होम में न कराते। अगर इसे उनकी कोई मजबूरी मान लिया जाए तो यहां तक तो ठीक है। लेकिन इलाज करने वाला अगर जिला अस्पताल का डाक्टर है तो बात दूर तक जाती हैं। चर्चाओं पर गौर करें तो पता चलता है कि अधिकारी का मरीज शहर के सदर बाजार स्थित एक नर्सिंग में भर्ती था। उसका इलाज करने राजा प्रताप बहादुर अस्पताल के हड्डी के एक डाक्टर गए थे। नर्सिंग होम के सूत्र बताते हैं कि डाक्टर ने मरीज का आपरेशन किया। यानि बेड प्राइवेट इलाज सरकारी। पते की बात यह है कि अधिकारी प्राइवेट इलाज सरकारी तंत्र से कराए तो ठीक है। अगर वही सरकारी डाक्टर प्राइवेट में मरीज देखता है तो उसको दंड दिया जाता है ऐसा क्यों। ये तो वही बात हुई आप करो तो रासलीला हम करें तो करेक्टर ढीला…। इस बारे में सीएमएस डाक्टर सुरेश सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो इस सम्बन्ध में इलाज करने गए डाक्टर से पूछताछ करेंगे।



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