लोकमित्र ब्यूरो
कौशाम्बी। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कड़ा में एचबीवाईसी के तहत आशा कार्यकर्ताओं का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के छह माह तक स्तनपान पर बल पूरक आहार, आवश्यक खनिज तत्वों वाले भोजन की उपलब्धता, परिवार नियोजन व संपूर्ण टीकाकरण पर विस्तार से जानकारी दी गई। एचबीवाईसी के तकनीकी प्रशिक्षक कुंवर बहादुर यादव ने बताया कि हर दस बच्चों में से लगभग चार बच्चों का उनकी उम्र के अनुपात में वजन कम होता है। लगभग दो बच्चों का लंबाई के हिसाब से वजन कम होता है। दस बच्चों में से लगभग चार बच्चों की लंबाई उम्र के हिसाब से नहीं बढ़ती है और इन सब का कारण कुपोषण है। इसे ध्यान में रखते हुए छोटे बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए एचबीवाईसी कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। प्रशिक्षक रामशंकर शर्मा ने बताया कि छोटे बच्चों की गृह आधारित देखभाल में आशा की अहम भूमिका होती है। वह घर.घर जाकर पोषण संबंधी जानकारी, स्तनपान का महत्व ऊपरी भोजन और भोजन में आवश्यक खनिज तत्वों की उपलब्धता पर तकनीकी जानकारी लोगों को देती है। इसके लिए आशाओं को भी इनकी संपूर्ण जानकारी रखना जरूरी है ताकि लोगों को समुचित जानकारी दी जा सके। इस मौके पर डॉ इशरत सिद्दीकी, एचईओ प्रभाकर सिंह चंदेल आदि लोग मौजूद रहे।
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कौशाम्बी। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कड़ा में एचबीवाईसी के तहत आशा कार्यकर्ताओं का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के छह माह तक स्तनपान पर बल पूरक आहार, आवश्यक खनिज तत्वों वाले भोजन की उपलब्धता, परिवार नियोजन व संपूर्ण टीकाकरण पर विस्तार से जानकारी दी गई। एचबीवाईसी के तकनीकी प्रशिक्षक कुंवर बहादुर यादव ने बताया कि हर दस बच्चों में से लगभग चार बच्चों का उनकी उम्र के अनुपात में वजन कम होता है। लगभग दो बच्चों का लंबाई के हिसाब से वजन कम होता है। दस बच्चों में से लगभग चार बच्चों की लंबाई उम्र के हिसाब से नहीं बढ़ती है और इन सब का कारण कुपोषण है। इसे ध्यान में रखते हुए छोटे बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए एचबीवाईसी कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। प्रशिक्षक रामशंकर शर्मा ने बताया कि छोटे बच्चों की गृह आधारित देखभाल में आशा की अहम भूमिका होती है। वह घर.घर जाकर पोषण संबंधी जानकारी, स्तनपान का महत्व ऊपरी भोजन और भोजन में आवश्यक खनिज तत्वों की उपलब्धता पर तकनीकी जानकारी लोगों को देती है। इसके लिए आशाओं को भी इनकी संपूर्ण जानकारी रखना जरूरी है ताकि लोगों को समुचित जानकारी दी जा सके। इस मौके पर डॉ इशरत सिद्दीकी, एचईओ प्रभाकर सिंह चंदेल आदि लोग मौजूद रहे।



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