सुलतानपुर। हर साल की तरह इस साल भी 2 मार्च को सुबह 11 बजे जामा मस्जिद अमहट में एक मजलिस का आयोजन किया गया। जिसको मौलाना सैयद अब्बास इरशाद नकवी साहब ने खेताब किया। इसके बाद शबीह जुलूस ए सफर मदीना जामा मस्जिद अमहट से उठाया गया और तकरीर मौलाना मोहम्मद जाफर खान ने किया। इसके बाद जुलूस अमहट चैराहे से सुलतानपुर रोड होता हुआ गभड़िया चैकी के सामने मोहम्मद हादी के इमाम बाड़े से होकर दरगाह हजरत अब्बास अ0स0 गभड़िया पर समाप्त हुआ। दौरान ए जुलूस मौलाना जाफर अब्बास मौलाना शम्श तबरेज झारखंड मौलाना मुशीर अब्बास मौलाना कलबे हसनैन ने तकरीर श की दरगाह पर पहुंच कर अलम मुबारक निकाला। अमहट की सभी अंजुमनें मिल कर नौका माता किया। दौरान ए जुलूस जायरीनो के लिए दूध चाय शरबत व खाने पीने की सबीलें जारी रहीं।।याद रहे यह जुलूस मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद में हर साल निकाला जाता है जिन्होंने ने इसी दिन इंसानियत को बचाने के लिए मदीना से अपने 72साथियों समेत पूरे घर को लेकर आज ही के दिन 28रजब सन 60हिजरी को करबला का सफर किया था और 10मोहर्रम सन 61हिजरी को करबला में अपने 72 साथियों की कुर्बानी पेश करके इस्लाम और इंसानियत को बचाया था यह ऐतिहासिक जुलूस लगभगम 85साल से निकाला जा रहा है। अन्त में हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन सुलतानपुर के अध्यक्ष हैदर अब्बास. खान ने पुलिस प्रशासन का आभार ब्यक्त किया।
सुलतानपुर। हर साल की तरह इस साल भी 2 मार्च को सुबह 11 बजे जामा मस्जिद अमहट में एक मजलिस का आयोजन किया गया। जिसको मौलाना सैयद अब्बास इरशाद नकवी साहब ने खेताब किया। इसके बाद शबीह जुलूस ए सफर मदीना जामा मस्जिद अमहट से उठाया गया और तकरीर मौलाना मोहम्मद जाफर खान ने किया। इसके बाद जुलूस अमहट चैराहे से सुलतानपुर रोड होता हुआ गभड़िया चैकी के सामने मोहम्मद हादी के इमाम बाड़े से होकर दरगाह हजरत अब्बास अ0स0 गभड़िया पर समाप्त हुआ। दौरान ए जुलूस मौलाना जाफर अब्बास मौलाना शम्श तबरेज झारखंड मौलाना मुशीर अब्बास मौलाना कलबे हसनैन ने तकरीर श की दरगाह पर पहुंच कर अलम मुबारक निकाला। अमहट की सभी अंजुमनें मिल कर नौका माता किया। दौरान ए जुलूस जायरीनो के लिए दूध चाय शरबत व खाने पीने की सबीलें जारी रहीं।।याद रहे यह जुलूस मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद में हर साल निकाला जाता है जिन्होंने ने इसी दिन इंसानियत को बचाने के लिए मदीना से अपने 72साथियों समेत पूरे घर को लेकर आज ही के दिन 28रजब सन 60हिजरी को करबला का सफर किया था और 10मोहर्रम सन 61हिजरी को करबला में अपने 72 साथियों की कुर्बानी पेश करके इस्लाम और इंसानियत को बचाया था यह ऐतिहासिक जुलूस लगभगम 85साल से निकाला जा रहा है। अन्त में हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन सुलतानपुर के अध्यक्ष हैदर अब्बास. खान ने पुलिस प्रशासन का आभार ब्यक्त किया।



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