31 से जनवरी से जिले को मथेंगे अलग-अलग जाति के स्टार प्रचारक, प्रत्याशी पर भी गंभीरता से नेतृत्व कर रही मंथन
आगरा। सपा का गढ़ मैनपुरी और करहल से पार्टी मुखिया यादव प्रत्याशी। इस चुनौती से निपटने के लिए भाजपा मजबूत सियासी बिसात बिछाने की कसरत में जुटी है। अखिलेश यादव के सामने खड़ा करने के लिए प्रत्याशी चयन पर तो मंथन हो रही रहा है, अन्य सीटों पर भी परचम फहराने का इरादा है। ऐसे में जिले में स्टार प्रचारकों की फौज उतारने की रणनीति बन रही है। बड़े नेताओं के बुलाने के साथ जातीय समीकरणों से हिसाब से प्रचार कराने की रूपरेखा तैयार की गई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। वर्ष 2012 में सपा ने मैनपुरी की चारों सीटों पर जीत हासिल की थी। परंतु 2017 में भाजपा ने भोगांव सीट सपा से छीन ली थी। उससे पूर्व के चुनावों में भी मैनपुरी सीट पर भाजपा चार बार जीत चुकी है और कहरल सीट पर भी एक चुनाव जीता है। भाजपा 2017 के चुनाव के बाद से ही जिले में अपने संगठन के विस्तार में जुटी थी। चुनाव की घोषणा होने के पहले से ही यहां संगठन चुनावी मोड में आ चुका था। हालांकि अखिलेश के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद समीकरण में जबर्दस्त बदलाव आया है। ऐसे में भाजपा भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती। केसरिया खेमा अखिलेश को उनके ही गढ़ में घेरने की तैयारी में जुटा है। इसके लिए सबसे पहले करहल सीट पर मजबूत प्रत्याशी उतारने पर मंथन हो रहा है। यहां पहले कई दावेदार टिकट को कतार में लगे थे। पूर्व में वायरल हुई एक कथित सूची में यहां पूर्व चेयरमैन संजीव यादव को प्रत्याशी दर्शाया गया था। भाजपा ने प्रत्याशी घोषित किए तो मैनपुरी, भोगांव और किशनी सीट पर वायरल सूची वाले नामों पर ही मुहर लगी। परंतु करहल सीट पर अब तक नाम की घोषणा नहीं की गई है। पार्टी के मुताबिक इस सीट पर प्रत्याशी चयन को लेकर हाईकमान स्तर पर मंथन चल रहा है। इसमें शाक्य समाज के किसी चेहरे को उतारने से लेकर सैफई परिवार के उन नामाें पर भी विचार हो रहा है, जो भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके साथ ही पार्टी के बड़े नेता प्रचार के लिए पूरे जिले को मथने की तैयारी में हैं। संगठन ने यहां प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा, बीएल वर्मा, एसपी सिंह बघेल के कार्यक्रम मांगे हैं। कुछ बड़े चेहरों को छोड़कर शेष नेताओं के कार्यक्रम के लिए जातीय समीकरणों के लिहाज से विधानसभा सीट और क्षेत्र तय किए जा रहे हैं। इनमें से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का तो कार्यक्रम मिल भी चुका है। केशव प्रसाद मौर्य 31 जनवरी मैनपुरी और भोगांव में प्रचार के लिए आएंगे। वहीं मुख्यमंत्री योगी का कार्यक्रम भी नामांकन के बाद तय होने की बात कही जा रही है।



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