महराजगंज रायबरेली। तहसील क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर ग्राम सभा के दर्जनों ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंचकर गांव के कोटेदार के विरुद्ध राशन ना देने का आरोप लगाते हुए उप जिला अधिकारी महराजगंज को एक शिकायती पत्र देकर सर्व जन वितरण प्रणाली की दुकान को निरस्त किए जाने की गुहार लगाई है, उप जिलाधिकारी महराजगंज को दिए गए शिकायती पत्र में मोहिद्द्दीन पुर के रहने वाले बैजनाथ राम मिलन मनीराम श्रवण पंकज छोटेलाल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा है, कि गांव के कोटेदार रविशंकर शुक्ल द्वारा जनवरी माह के दोनों बार राशन वितरण नहीं किया गया है, प्रार्थी कोटेदार के दरवाजे जातें हैं, तो कोटेदार द्वारा कहा जाता है, कि शासन का आदेश वितरण हेतु नहीं आया बल्कि राशन उपलब्ध है, जब तक वितरण का आदेश नहीं होगा तब तक वितरण नहीं करेंगे वही ग्रामीणों का ये भी आरोप है कि चावल व गेहूं की कोटे पर घटतौली भी होती है, चना व रिफाइंड सभी राशन कार्ड धारकों को नहीं दिया जात है, राशन लेने जाने वाले कार्ड धारकों से कोटेदार अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली गलौज करता है, ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से जांच कराकर कोटे को निरस्त करने की मांग की है, मामले में उपजिलाधिकारी ने जांच कराने की बात कही है।
महराजगंज रायबरेली। तहसील क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर ग्राम सभा के दर्जनों ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंचकर गांव के कोटेदार के विरुद्ध राशन ना देने का आरोप लगाते हुए उप जिला अधिकारी महराजगंज को एक शिकायती पत्र देकर सर्व जन वितरण प्रणाली की दुकान को निरस्त किए जाने की गुहार लगाई है, उप जिलाधिकारी महराजगंज को दिए गए शिकायती पत्र में मोहिद्द्दीन पुर के रहने वाले बैजनाथ राम मिलन मनीराम श्रवण पंकज छोटेलाल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा है, कि गांव के कोटेदार रविशंकर शुक्ल द्वारा जनवरी माह के दोनों बार राशन वितरण नहीं किया गया है, प्रार्थी कोटेदार के दरवाजे जातें हैं, तो कोटेदार द्वारा कहा जाता है, कि शासन का आदेश वितरण हेतु नहीं आया बल्कि राशन उपलब्ध है, जब तक वितरण का आदेश नहीं होगा तब तक वितरण नहीं करेंगे वही ग्रामीणों का ये भी आरोप है कि चावल व गेहूं की कोटे पर घटतौली भी होती है, चना व रिफाइंड सभी राशन कार्ड धारकों को नहीं दिया जात है, राशन लेने जाने वाले कार्ड धारकों से कोटेदार अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली गलौज करता है, ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से जांच कराकर कोटे को निरस्त करने की मांग की है, मामले में उपजिलाधिकारी ने जांच कराने की बात कही है।



उत्तरप्रदेश








शेयर करें













































































