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4 दर्जन से अधिक घरों में आज भी चल रही बांस बल्ली के सहारे सप्लाई शासन प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

आसपुर देवसरा। आपको बता दें कि आज भी पट्टी तहसील क्षेत्र के आसपुर देवसरा विकासखंड अंतर्गत पर्वतपुर सुलेमान गांव में चार दर्जन घर ऐसे हैं जिनके यहां बिजली की सप्लाई बांस बल्ली के सहारे चल रही है।  इस गांव की यादव बस्ती, सरोज बस्ती व मुस्लिम बस्ती में कोई भी विद्युत पोल नहीं लगा है लोग किसी तरह से यूकेलिप्टस की बल्ली व बांस लगाकर अपने घरों तक सप्लाई पहुंचाए हुए हैं, और वहां सप्लाई बांस बल्ली के सहारे चल रही है।   इस संबंध में गांव के विजय बहादुर से बात हुई थी उन्होंने बताया कि गांव का विद्युतीकरण हो गया है लेकिन बावजूद इसके आज तक विद्युत पोल नहीं लग सका है।  आजादी के इतने वर्षों बाद भी आज भी यह गांव विद्युत व्यवस्था से एक हिसाब से महरूम है, यहां के रहने वाले लहुरी राम, उमाशंकर, अमर बहादुर, अखिलेश, महाराजदीन, शीतला प्रसाद, पप्पू सरोज समेत तमाम लोगों ने इस संबंध में कई बार शासन प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों को भी लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था।  लेकिन गांव के लोगों को विद्युत पोल उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे गांव के लोग आज भी बांस बल्ली के सहारे ही अपनी विद्युत व्यवस्था संचालित किए हुए हैं। जिस ओर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जल्द से जल्द ग्रामीणों ने विद्युत पोल लगाए जाने की मांग उठाई है।

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आसपुर देवसरा। आपको बता दें कि आज भी पट्टी तहसील क्षेत्र के आसपुर देवसरा विकासखंड अंतर्गत पर्वतपुर सुलेमान गांव में चार दर्जन घर ऐसे हैं जिनके यहां बिजली की सप्लाई बांस बल्ली के सहारे चल रही है।  इस गांव की यादव बस्ती, सरोज बस्ती व मुस्लिम बस्ती में कोई भी विद्युत पोल नहीं लगा है लोग किसी तरह से यूकेलिप्टस की बल्ली व बांस लगाकर अपने घरों तक सप्लाई पहुंचाए हुए हैं, और वहां सप्लाई बांस बल्ली के सहारे चल रही है।   इस संबंध में गांव के विजय बहादुर से बात हुई थी उन्होंने बताया कि गांव का विद्युतीकरण हो गया है लेकिन बावजूद इसके आज तक विद्युत पोल नहीं लग सका है।  आजादी के इतने वर्षों बाद भी आज भी यह गांव विद्युत व्यवस्था से एक हिसाब से महरूम है, यहां के रहने वाले लहुरी राम, उमाशंकर, अमर बहादुर, अखिलेश, महाराजदीन, शीतला प्रसाद, पप्पू सरोज समेत तमाम लोगों ने इस संबंध में कई बार शासन प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों को भी लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था।  लेकिन गांव के लोगों को विद्युत पोल उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे गांव के लोग आज भी बांस बल्ली के सहारे ही अपनी विद्युत व्यवस्था संचालित किए हुए हैं। जिस ओर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जल्द से जल्द ग्रामीणों ने विद्युत पोल लगाए जाने की मांग उठाई है।

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