V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

संगोष्ठी में एड्स पर जागरूकता, विशेषज्ञों ने बताए बचाव व इलाज

प्रतापगढ़। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) शाखा द्वारा जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन भवन कटरा रोड सभागार में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन एवं चिकित्सा समुदाय को एड्स/एचआईवी संक्रमण के प्रति अधिक जागरूक करना, इसके लक्षण, बचाव व उपचार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना तथा समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना था। बड़ी संख्या में चिकित्सकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।


विशेषज्ञों ने बताए संक्रमण के लक्षण, बचाव एवं इलाज

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. आर. पी. चौबे ने एड्स के होने वाले लक्षणों, संक्रमण फैलने की प्रक्रिया तथा इससे बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जागरूकता और प्रारम्भिक जांच ही एचआईवी संक्रमण को गंभीर स्तर पर पहुंचने से रोक सकती है।
डॉ. दीपिका केसरवानी ने कार्यक्रम में एचआईवी परीक्षण, जाँच विधियों सहित संक्रमण के प्रति सावधानी बरतने के व्यवहारिक उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षित जीवनशैली अपनाकर तथा नियमित जांच कराकर इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है।

एआरटी सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश त्रिपाठी ने ART (Antiretroviral Therapy) की प्रक्रिया, संक्रमित व्यक्ति के उपचार, काउंसलिंग व्यवस्था तथा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ART से संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है। सरकार द्वारा दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, इसलिए मरीज बिना झिझक उपचार हेतु आगे आएं।


अध्यक्षता, संचालन एवं सहभागिता

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शशि प्रभा गुप्ता ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी डॉ. अम्बर केसरवानी ने निभाई।
इस अवसर पर डॉ. शिवमूर्ति लाल मौर्य, डॉ. एस.एस. गुप्ता, डॉ. रवि श्रीवास्तव, डॉ. दीपिका के साथ रोटरी क्लब, लायंस क्लब और भारत विकास परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

संगोष्ठी के दौरान विभिन्न चिकित्सकों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा एड्स से जुड़े भ्रमों का समाधान किया। अंत में एड्स पीड़ितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, भेदभाव समाप्त करने तथा अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

एड्स जागरूकता संगोष्ठी प्रतापगढ़

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।

प्रतापगढ़। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) शाखा द्वारा जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन भवन कटरा रोड सभागार में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन एवं चिकित्सा समुदाय को एड्स/एचआईवी संक्रमण के प्रति अधिक जागरूक करना, इसके लक्षण, बचाव व उपचार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना तथा समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना था। बड़ी संख्या में चिकित्सकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।


विशेषज्ञों ने बताए संक्रमण के लक्षण, बचाव एवं इलाज

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. आर. पी. चौबे ने एड्स के होने वाले लक्षणों, संक्रमण फैलने की प्रक्रिया तथा इससे बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जागरूकता और प्रारम्भिक जांच ही एचआईवी संक्रमण को गंभीर स्तर पर पहुंचने से रोक सकती है।
डॉ. दीपिका केसरवानी ने कार्यक्रम में एचआईवी परीक्षण, जाँच विधियों सहित संक्रमण के प्रति सावधानी बरतने के व्यवहारिक उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षित जीवनशैली अपनाकर तथा नियमित जांच कराकर इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है।

एआरटी सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश त्रिपाठी ने ART (Antiretroviral Therapy) की प्रक्रिया, संक्रमित व्यक्ति के उपचार, काउंसलिंग व्यवस्था तथा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ART से संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है। सरकार द्वारा दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, इसलिए मरीज बिना झिझक उपचार हेतु आगे आएं।


अध्यक्षता, संचालन एवं सहभागिता

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शशि प्रभा गुप्ता ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी डॉ. अम्बर केसरवानी ने निभाई।
इस अवसर पर डॉ. शिवमूर्ति लाल मौर्य, डॉ. एस.एस. गुप्ता, डॉ. रवि श्रीवास्तव, डॉ. दीपिका के साथ रोटरी क्लब, लायंस क्लब और भारत विकास परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

संगोष्ठी के दौरान विभिन्न चिकित्सकों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा एड्स से जुड़े भ्रमों का समाधान किया। अंत में एड्स पीड़ितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, भेदभाव समाप्त करने तथा अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

एड्स जागरूकता संगोष्ठी प्रतापगढ़