V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

प्रयागराज में फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर युवक से ठगी, परिजनों की सतर्कता से आरोपी पकड़ा गया

प्रयागराज। शहर में फर्जी पहचान के सहारे ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा मामला मुट्ठीगंज इलाके का है, जहां फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर ठगी की गई। अनिल मिश्रा नामक युवक से एक जालसाज ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर 10 हजार रुपये ठग लिए

फोन पर धमकी देकर मांगी रिश्वत

17 मई को महावीरन गली, मुट्ठीगंज निवासी अनिल मिश्रा को एक अंजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाला खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर धमकी देने लगा। उसने कहा:

तुम्हारे खिलाफ जांच चल रही है। इससे बचना है तो मुझसे मिलो।

अनिल को पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) के पास बुलाया गया, जहां उस व्यक्ति ने खुद को स्पेशल विंग का सदस्य बताया और 50 हजार रुपये की मांग की। डरे हुए अनिल ने मौके पर 10 हजार रुपये दे दिए।

कमिश्नर कार्यालय के बाहर बुलाया, फिर हुआ खुलासा

25 मई को ठग ने दोबारा फोन किया और कमिश्नर कार्यालय के बाहर बुलाया। उसने अनिल से कहा:

रुपये लाए हो? कमिश्नर साहब को देने हैं।

अनिल को शक हुआ और उसने तुरंत अपने परिजनों को फोन कर दिया।

परिजनों ने दिखाया साहस

परिजन मौके पर पहुंचे, और जब ठग ने बहाना बनाकर जाने की कोशिश की, तो उन्होंने उसे पकड़कर सिविल लाइंस थाना पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर ठगी करने वाले आरोपी पर धोखाधड़ी, धमकी और फर्जीवाड़े की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

 क्या सीखा जाए इस घटना से?

  • अनजान कॉल्स पर भरोसा न करें।

  • खुद को अधिकारी बताने वाले किसी भी व्यक्ति से पैसे मांगने पर पहले सत्यापन करें।

  • समय रहते परिजनों और पुलिस को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

 

निष्कर्ष

फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर ठगी अब एक आम चाल बन गई है। लेकिन यदि आम जनता सतर्क रहे, और समय रहते सही कदम उठाए, तो ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।

अनिल मिश्रा और उनके परिवार ने जो साहस दिखाया, वह समाज के लिए एक प्रेरणा है। ऐसे मामलों में कानून का सहारा लेना ही सबसे बेहतर तरीका है।

 

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।

प्रयागराज। शहर में फर्जी पहचान के सहारे ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा मामला मुट्ठीगंज इलाके का है, जहां फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर ठगी की गई। अनिल मिश्रा नामक युवक से एक जालसाज ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर 10 हजार रुपये ठग लिए

फोन पर धमकी देकर मांगी रिश्वत

17 मई को महावीरन गली, मुट्ठीगंज निवासी अनिल मिश्रा को एक अंजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाला खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर धमकी देने लगा। उसने कहा:

तुम्हारे खिलाफ जांच चल रही है। इससे बचना है तो मुझसे मिलो।

अनिल को पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) के पास बुलाया गया, जहां उस व्यक्ति ने खुद को स्पेशल विंग का सदस्य बताया और 50 हजार रुपये की मांग की। डरे हुए अनिल ने मौके पर 10 हजार रुपये दे दिए।

कमिश्नर कार्यालय के बाहर बुलाया, फिर हुआ खुलासा

25 मई को ठग ने दोबारा फोन किया और कमिश्नर कार्यालय के बाहर बुलाया। उसने अनिल से कहा:

रुपये लाए हो? कमिश्नर साहब को देने हैं।

अनिल को शक हुआ और उसने तुरंत अपने परिजनों को फोन कर दिया।

परिजनों ने दिखाया साहस

परिजन मौके पर पहुंचे, और जब ठग ने बहाना बनाकर जाने की कोशिश की, तो उन्होंने उसे पकड़कर सिविल लाइंस थाना पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर ठगी करने वाले आरोपी पर धोखाधड़ी, धमकी और फर्जीवाड़े की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

 क्या सीखा जाए इस घटना से?

  • अनजान कॉल्स पर भरोसा न करें।

  • खुद को अधिकारी बताने वाले किसी भी व्यक्ति से पैसे मांगने पर पहले सत्यापन करें।

  • समय रहते परिजनों और पुलिस को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

 

निष्कर्ष

फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर ठगी अब एक आम चाल बन गई है। लेकिन यदि आम जनता सतर्क रहे, और समय रहते सही कदम उठाए, तो ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।

अनिल मिश्रा और उनके परिवार ने जो साहस दिखाया, वह समाज के लिए एक प्रेरणा है। ऐसे मामलों में कानून का सहारा लेना ही सबसे बेहतर तरीका है।