टिन शेड में रहने को मजबूर पात्र परिवार*
सुलतानपुर। दुबेपुर ब्लॉक में एक सेक्रेट्री का कारनामा सामने आया है। पीएम आवास के लिये गरीब परिवार ने सेक्रेट्री को मुंह मांगी रकम नहीं दिया तो उसके साथ खेल कर दिया गया। पड़ोस के पक्के मकान की फोटो लगाकर सेक्रेट्री ने पात्र को अपात्र दिखा दिया। पीड़िता ने इसकी शिकायत डीएम से की है। मामला विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम त्रिलोकपुर का है। यहां की रहने वाली देवमती पत्नी संजय कुमार ने डीएम रवीश गुप्ता से मामले की शिकायत की है। डीएम को दिए शिकायती पत्र में पीड़िता ने बताया है कि उसके पास घर नहीं है। वह अपने बच्चों के साथ टीन शेड के नीचे रहती है। जांच करने गए सेक्रेट्री के पति ने उसके घर के बगल स्थित मकान की फोटो खींचकर गलत रिपोर्ट लगा दिया। और उसका नाम सूची से काट दिया है। जबकि वह अपने परिवार सहित आज भी टीन शेड के नीचे रहती है। उसने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाया जाये। आपको बता दें कि ब्लॉक क्षेत्र में अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिल रहा है लेकिन पात्र टीन शेड के नीचे या छप्पर के नीचे रहने को मजबूर हैं। यही नहीं ग्राम प्रधान व सेक्रेट्री की खाऊ-कमाऊ नीति के चलते पक्के घर वालों प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कॉलोनी पा गये हैं। जबकि पात्र आज भी परिवार सहित इधर उधर रहने को मजबूर हैं।
टिन शेड में रहने को मजबूर पात्र परिवार*
सुलतानपुर। दुबेपुर ब्लॉक में एक सेक्रेट्री का कारनामा सामने आया है। पीएम आवास के लिये गरीब परिवार ने सेक्रेट्री को मुंह मांगी रकम नहीं दिया तो उसके साथ खेल कर दिया गया। पड़ोस के पक्के मकान की फोटो लगाकर सेक्रेट्री ने पात्र को अपात्र दिखा दिया। पीड़िता ने इसकी शिकायत डीएम से की है। मामला विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम त्रिलोकपुर का है। यहां की रहने वाली देवमती पत्नी संजय कुमार ने डीएम रवीश गुप्ता से मामले की शिकायत की है। डीएम को दिए शिकायती पत्र में पीड़िता ने बताया है कि उसके पास घर नहीं है। वह अपने बच्चों के साथ टीन शेड के नीचे रहती है। जांच करने गए सेक्रेट्री के पति ने उसके घर के बगल स्थित मकान की फोटो खींचकर गलत रिपोर्ट लगा दिया। और उसका नाम सूची से काट दिया है। जबकि वह अपने परिवार सहित आज भी टीन शेड के नीचे रहती है। उसने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाया जाये। आपको बता दें कि ब्लॉक क्षेत्र में अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिल रहा है लेकिन पात्र टीन शेड के नीचे या छप्पर के नीचे रहने को मजबूर हैं। यही नहीं ग्राम प्रधान व सेक्रेट्री की खाऊ-कमाऊ नीति के चलते पक्के घर वालों प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कॉलोनी पा गये हैं। जबकि पात्र आज भी परिवार सहित इधर उधर रहने को मजबूर हैं।



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