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पान मसाले में अलग से तम्बाकू अधिक घातक

प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। अब अलग अलग पान मसाले और तम्बाकू का सेवन अधिक घातक साबित हो रहा है। पहले पान मसालो के साथ जो तम्बाकू उसमे मिली हुई आती थी वह कम घातक होती थी। वही अब जो तम्बाकू की पुड़िया अलग से गुटखे के साथ आती है वह खाने से लोगो को चक्कर आने की शिकायत होती है। ऐसे में माना जा रहा है कि अलग से आने वाली घटिया किस्म की तम्बाकू कैंसर होने की संभावना अधिक बढ़ा रही है। इस सम्बंध मंे डाक्टरो का कहना है कि गुटखे के साथ अलग से दी जाने वाली पुड़िया में उत्पादक घटिया तम्बाकू का उपयोग करते है। वजह अच्छी किस्म की तम्बाकू महंगी पड़ती है। इसलिए पुड़िया अलग से दी जा रही है। इसका सेवन करने वालो का कहना है कि यह पहले एक सीमित मात्रा में पान मसाले के साथ मिलाई जाती थी। उस समय इसके सेवन से अधिक खतरा नहीं था। ज्ञातव्य हो कि तम्बाकू से कैंसर होने का हवाला देकर गुटखा को बंद करने की मांग हुई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तम्बाकू मिले गुटखे पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद चालाक पान मसाला उत्पादक तम्बाकू की पुड़िया पान मसाला के साथ अलग से देने लगे। इससे कैंसर होने का अंदेशा पहले से अधिक बढ़ गया है। इस जानलेवा हालात पर तभी अंकुश लग सकता है जब पान मसाला और गुटखे पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगे गुटखे का सेवन जहां कैंसर का कारण बन रहा है। वही पान का सेवन स्वास्थ्य के लिए

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। अब अलग अलग पान मसाले और तम्बाकू का सेवन अधिक घातक साबित हो रहा है। पहले पान मसालो के साथ जो तम्बाकू उसमे मिली हुई आती थी वह कम घातक होती थी। वही अब जो तम्बाकू की पुड़िया अलग से गुटखे के साथ आती है वह खाने से लोगो को चक्कर आने की शिकायत होती है। ऐसे में माना जा रहा है कि अलग से आने वाली घटिया किस्म की तम्बाकू कैंसर होने की संभावना अधिक बढ़ा रही है। इस सम्बंध मंे डाक्टरो का कहना है कि गुटखे के साथ अलग से दी जाने वाली पुड़िया में उत्पादक घटिया तम्बाकू का उपयोग करते है। वजह अच्छी किस्म की तम्बाकू महंगी पड़ती है। इसलिए पुड़िया अलग से दी जा रही है। इसका सेवन करने वालो का कहना है कि यह पहले एक सीमित मात्रा में पान मसाले के साथ मिलाई जाती थी। उस समय इसके सेवन से अधिक खतरा नहीं था। ज्ञातव्य हो कि तम्बाकू से कैंसर होने का हवाला देकर गुटखा को बंद करने की मांग हुई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तम्बाकू मिले गुटखे पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद चालाक पान मसाला उत्पादक तम्बाकू की पुड़िया पान मसाला के साथ अलग से देने लगे। इससे कैंसर होने का अंदेशा पहले से अधिक बढ़ गया है। इस जानलेवा हालात पर तभी अंकुश लग सकता है जब पान मसाला और गुटखे पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगे गुटखे का सेवन जहां कैंसर का कारण बन रहा है। वही पान का सेवन स्वास्थ्य के लिए

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