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ड्रग्स केस: रिया-शोविक को नहीं मिली बेल, जमानत पर फैसला सुरक्ष‍ित

मुंबईः बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उसके भाई शौविक तथा तीन अन्य की जमानत याचिका पर मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति सारंग वी कोटवाल ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जमानत की दलीलों का यह कहते हुए पुरजोर विरोध किया कि आरोपियों के खिलाफ अपराध गैर-जमानती हैं। एनसीबी की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल सिंह ने न्यायालय से कहा कि सामाजिक स्थिति और विधिक ध्येय की उस पृष्ठभूमि को ध्यान में रखना होगा जिसके तहत नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोपेट्रिक सब्सटेंस अधिनियम-1985 बनाया गया है।

उन्होंने तर्क दिया कि अब तक गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी व्यक्ति एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और यह एक सिंडिकेट है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सतीश मानेशिंदे ने तकर् दिया कि अभिनेत्री केवल अपने प्रेमी के लिए ड्रग्स की खरीद में शामिल थी, इसलिए मामले में धारा 27 ए लागू नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह जमानत योग्य मामला है।

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मुंबईः बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उसके भाई शौविक तथा तीन अन्य की जमानत याचिका पर मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति सारंग वी कोटवाल ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जमानत की दलीलों का यह कहते हुए पुरजोर विरोध किया कि आरोपियों के खिलाफ अपराध गैर-जमानती हैं। एनसीबी की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल सिंह ने न्यायालय से कहा कि सामाजिक स्थिति और विधिक ध्येय की उस पृष्ठभूमि को ध्यान में रखना होगा जिसके तहत नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोपेट्रिक सब्सटेंस अधिनियम-1985 बनाया गया है।

उन्होंने तर्क दिया कि अब तक गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी व्यक्ति एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और यह एक सिंडिकेट है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सतीश मानेशिंदे ने तकर् दिया कि अभिनेत्री केवल अपने प्रेमी के लिए ड्रग्स की खरीद में शामिल थी, इसलिए मामले में धारा 27 ए लागू नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह जमानत योग्य मामला है।

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